सरकारी योजनाओं में बैंकों द्वारा खराब प्रदर्शन पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा लगाई गई फटकार 

कानपुर। केंद्रीय एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक विकास भवन, कानपुर नगर में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दीक्षा जैन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सबसे पहले सीएम युवा योजना पर चर्चा हुई, जो युवाओं को उद्यमिता के लिए वित्तीय सहायता एवं कौशल विकास का अवसर प्रदान करती है। इस योजना में सभी बैंकों की अत्यंत धीमी गति की प्रगति पर रोष व्यक्त किया गया, विशेषकर निजी क्षेत्र के बैंकों की कम रुचि और कमजोर प्रदर्शन पर चिंता जताई गई। अध्यक्ष महोदया ने सख्त निर्देश दिए कि जिला उद्योग केंद्र द्वारा चलाए जा रहे एक माह के सीएम युवा विशेष अभियान के शेष बचे हुए आखिरी सप्ताह में प्रत्येक शाखा कम से कम एक आवेदन स्वीकृत एवं वितरित करें, साथ ही बैंकों को रिवर्स सोर्सिंग के माध्यम से अधिक आवेदन प्राप्त करने के लिए सक्रिय प्रयास करने को कहा गया।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सीएम युवा योजना में खराब प्रदर्शन करने वाले बैंक भारतीय स्टेट बैंक एक्सिस बैंक आइसीआइसीआइ बैंक केनरा बैंक कोटक महिंद्रा बैंक एचडीएफसी बैंक बैंक ऑफ़ बड़ोदा तथा पंजाब नेशनल बैंक को इस योजना में शिथिल प्रदर्शन के लिए उनके उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
इसके बाद पीएम सूर्यघर योजना की समीक्षा की गई, जिसका उद्देश्य सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को प्रोत्साहित करना है। अध्यक्ष ने सभी बैंकों को भी इस योजना में शाखा वर कैंप लगाकर ऋण वितरण को प्रोत्साहित करने तथा ज्यादा से ज्यादा वितरण करने के निर्देश दिए।
कृषि अवसंरचना निधि (AIF) पर चर्चा हुई, जो कृषि अवसंरचना निर्माण हेतु 2 करोड़ तक के ऋण पर 3% ब्याज अनुदान एवं सीजीटीएमएसई शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान करती है। ए.ई.एफ. योजनांतर्गत जिले में बैंकों का प्रदर्शन अत्यंत असंतोषजनक पाया गया। वित्तीय वर्ष में 8 माह बीत जाने के बाद भी केवल 11% की प्रगति दर्ज की गई है, जिस पर अध्यक्ष ने अत्यंत रोष व्यक्त किया और अगले 15 दिनों में प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए सख्त निर्देश दिए।
अंत में पीएमएफएमई योजना की समीक्षा हुई, जो सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी के माध्यम से प्रोत्साहित करती है। इस योजना में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा ने सर्वाधिक मामलों की लंबवत्ता  रही, जबकि कई निजी बैंकों की प्रगति नगण्य रही। अध्यक्ष ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि सरकारी योजनाओं के अंतर्गत अपनी प्रगति में ठोस सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन योजनाओं की पुनः समीक्षा 15 दिनों बाद की जाएगी और यदि अपेक्षित सुधार नहीं पाया गया तो संबंधित बैंकों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में अंजनीश प्रताप सिंह (जीएम डीआईसी), आदित्य चंद्र (लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर), उमेश उत्तम (जिला उद्यान अधिकारी), राहुल यादव (डीडीएम नाबार्ड), राकेश पांडे (पीडी यूपीनेडा), सृष्टिका तिवारी (सहायक अग्रणी जिला प्रबंधक) तथा बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे। सभी बैंकों ने मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशों तथा बैंक वर वितरण के लक्ष्यो को पूरा करने के लिए सहमति दिखाई।

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