कानपुर। सड़क मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों में खराब गुणवत्ता और समीक्षा बैठकों में वास्तविक स्थिति के विपरीत जानकारी प्रस्तुत किए जाने पर जिलाधिकारी श्री महेंद्र सिंह तंवर ने कड़ा रुख अपनाया है। 14 अक्टूबर को रात्रिकालीन निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़कों की स्थिति अत्यंत खराब मिलने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता श्री अरुण कुमार जयंत से तीन दिवस के भीतर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण मांगा है।
जिलाधिकारी जनपद में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जांच के लिए नियमित रूप से रात्रिकालीन निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में 14 अक्टूबर को किए गए निरीक्षण में कई मार्गों की स्थिति विभागीय रिपोर्ट से अलग मिली। समीक्षा बैठकों में संबंधित सड़कों को पूरी तरह दुरुस्त कराए जाने की जानकारी दी गई थी, जबकि मौके पर उनकी हालत अत्यंत खराब पाई गई। इस विरोधाभास पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण में बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लिया।
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि कुछ मार्गों की मरम्मत के लिए दो-दो बार निविदा प्रक्रिया अपनाई गई है। जिलाधिकारी ने एक ही मार्ग के लिए दोबारा निविदा निकाले जाने के औचित्य पर सवाल उठाते हुए संबंधित कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता श्री अरुण कुमार जयंत से समीक्षा बैठकों में गलत तथ्य प्रस्तुत किए जाने के कारणों, शेष मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों को पूरा कराने की कार्ययोजना तथा एक ही मार्ग के लिए दो-दो बार निविदा प्रक्रिया अपनाए जाने के औचित्य पर पत्र प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। समीक्षा बैठकों में गलत जानकारी देने तथा गुणवत्ता मानकों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
