क्या आपका बच्चा गीला करता है बिस्तर?….. अब न हो परेशान….. Home Remedy दिखाएगी कमाल

ऐसे कई पेरेंट्स हैं जिनके बच्चे बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं। इस समस्या से कई लोग जूझ रहे होंगे। बच्चों को बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या बहुत बड़ी चिंता और शर्मिंदगी का कारण बन जाती है। अक्सर होता है कि दवाइयां भी काम नहीं करती हैं, लेकिन आपकी इस समस्या का हल आपकी रसोई में ही मौजूद है। बता दें कि, हल्दी वाला दूध किसी वरदान से कम नहीं है। यह पुराना नुस्खा न केवल इम्यूनिटी बढ़ाता है, बल्कि बच्चों में यूरिन कंट्रोल को बेहतर बनाने में भी चमत्कारी असर दिखाता है। यदि आपका बच्चा सोते समय बिस्तर में पेशाब करता है, तो यह नुस्खा एक बार जरुर ट्राई करें। यह नुस्खा पूरी तरह से नेचुरल है और इसके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है। आइए आपको इसे बनाने के तरीके और फायदे बताते हैं।

बिस्‍तर में पेशाब की समस्‍या के लिए हल्दी वाला दूध

आपको बस उबलते हुए दूध में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर देने से शरीर में बदलाव आते हैं, जो बच्चों में रात को सोते समय पेशाब निकलने की समस्या को रोक सकते हैं। आइए आपको बताते हैं यह कैसे काम करता है।

ब्लैडर की मसल्‍स में मजबूती

खासतौर पर हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण होते हैं, जो ब्लैडर (मूत्राशय) की मसल्स को अंदरूनी मजबूती देते हैं, जिससे बच्चा पेशाब को ज्यादा देर तक रोक पाता है।

शरीर में गर्माहट

आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर में अत्यधिक ठंडक बढ़ जाती है, तो पेशाब बार-बार आने की समस्या हो सकती है। हल्दी की तासीर गर्म मानी जाती है, जो शरीर को अंदर से गर्माहट प्रदान करती है। इससे शरीर का संतुलन बना रहता है और बार-बार मूत्र त्याग की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।

नर्वस सिस्टम को सुकून

एक्सपर्ट के मुताबिक, हल्दी ब्रेन और नर्व को शांत करती है। जब बच्चा गहरी और तनावमुक्त नींद सोता है, जिससे उसका दिमाग भी शरीर के संकेतों को अच्छी तरह से समझ पाता है।

पाचन होता है बेहतर

खराब पाचन से भी कई बार रात को परेशानी होती है। हल्दी पेट को साफ रखने में मदद करती है। इससे शरीर भी रात को रिलैक्स रहता है।

हल्‍दी वाले दूध की सामग्री

– 1 कप गुनगुना दूध

– 1/4 चम्मच शुद्ध हल्दी

हल्‍दी वाला दूध बनाने का तरीका

– एक पैन में दूध डालकर उबालें।

– अब खौलते हुए दूध में थोड़ी-सी हल्दी मिलाएं।

हल्‍दी वाला दूध पीने का सही समय

रात को सोने से ठीक पहले बच्चों को यह बिल्कुल न दें। हल्दी वाला दूध बच्चे को सोने से कम से कम 3 घंटे पहले दें। क्योंकि सोने से ठीक पहले लिक्विड देने से ब्लैडर भर सकता है, इसलिए 3 घंटे का गैप देना जरुरी है।

इन बातों का रखें ध्यान

– रात को सोने से पहले बच्चे को टॉयलेट जाने की आदत डालें।

– शाम के बाद बच्चे को कैफीन या बहुत ज्यादा मीठी चीजें न दें।

– इस समस्या को दूर करने के लिए हल्की एक्सरसाइज और योग करना भी काफी जरुरी है।

सावधानी

आमतौर पर यह एक घरेलू उपाय है, इसलिए इसके परिणाम हर बच्चे में अलग-अलग हो सकते हैं। यदि समस्या लंबे समय से बनी हुई है या बच्चे को किसी प्रकार का संक्रमण महसूस हो रहा है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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