घबराएं न, नया वेरिएंट JN.1 बूस्टर का ही काम करेगा

पहले भी देश में केरल से कोरोना फैलना शुरू हुआ था. इस बार भी वहां नए वेरिएंट ने दस्तक दी है. एक मरीज की मौत भी हो चुकी है. केंद्र ने राज्यों को अलर्ट कर दिया है लेकिन एक्सपर्ट की मानें तो फिलहाल घबराने की कोई वजह नहीं है. जी हां, विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना का यह नया वेरिएंट JN.1 असल में कोविड वैक्सीन का दूसरा नेचुरल बूस्टर डोज साबित होगा. पिछले साल का उदाहरण देख लीजिए. ओमिक्रोन वेरिएंट आया था. दुनिया में मौतें हुईं लेकिन भारत में इसका असर कम देखा गया. उलटे भारतीयों को फायदा यह हुआ कि ओमिक्रोन वेरिएंट से और ज्यादा इम्युनिटी पैदा हो गई. ऐसे में आपके मन में सवाल होग कि इस नए वेरिएंट के केस में क्या हो सकता है?

नेचुरल बूस्टर की प्रक्रिया

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक्सपर्ट ने समझाया कि किसी को इन्फेक्शन हुआ हो या वैक्सीन लगी हो तो बॉडी उस वायरस के निशान (यादें) को सुरक्षित कर लेती है. अगर बूस्टर लगाया जाता है तो पुराने निशान इस नए बूस्टर को पहचान लेते हैं. हमारा शरीर लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बनाने की प्रक्रिया तेज कर देता है. यही काम किसी बीमारी का सब-वेरिएंट करता है. जब कोई नया वेरिएंट अटैक करता है तो पुराने वैक्सीन या संक्रमण के निशान उस वेरिएंट को पहचान लेते हैं और उसके खिलाफ एंटीबॉडीज बनाना तेज कर देते हैं. डॉक्टर इसे ही नेचुरल बूस्टर कह रहे हैं.

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सब लोग बेफिक्र हो जाएं. कमजोर इम्युनिटी वाले या गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को सतर्क रहना होगा. उन्हें वैसे भी बीमारियों से बचने की जरूरत होती है. फेफड़े या किडनी के रोगी अपना विशेष ध्यान रखें. डॉक्टर कह रहे हैं कि इस केस में गंभीर लक्षण पैदा नहीं होंगे.

गंभीर मामले नहीं

भारत में कोविड-19 वायरस के नए वेरिएंट पर नजर रखने वाले लेबोरेट्रीज नेटवर्क INSACOG के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा ने मीडिया को बताया कि जेएन.1 सब-वेरिएंट को लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है. सैंपल की संख्या कम है लेकिन इसे सभी राज्यों से कलेक्ट किया जा रहा है. हालात पर पूरी नजर है. वायरस के बिहैवियर की निगरानी की जा रही है. अब तक अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत या गंभीर मामले नहीं पता चले हैं.

उधर, केंद्र सरकार अपने स्तर पर बिल्कुल ढिलाई नहीं करना चाहती है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया कुछ राज्यों में कोविड-19 के मरीज बढ़ने के मद्देनजर कल यानी 20 दिसंबर को समीक्षा बैठक करने वाले हैं. मंत्री स्वास्थ्य सुविधाओं और तैयारियों की समीक्षा करेंगे. वह मेडिकल ऑक्सीजन, अस्पताल के बिस्तर, वेंटिलेटर, दवाओं, डायग्नोस्टिक्स समेत दूसरे इंतजाम का जायजा लेंगे. 24 घंटे पहले केरल में कोविड-19 के 111 नए मामले आए थे और उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 1800 के करीब पहुंच गई थी. जेएन.1, बीए.2.86 ओमिक्रोन वेरिएंट का ही एक सब-वेरिएंट है. पहली बार यह अगस्त में लक्ज़मबर्ग में पाया गया था.

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