केस्को की संवेदनहीनता: हेल्पलाइन 1912 फेल, गल्ला मंडी सब-स्टेशन पर रातभर उपभोक्ताओं का हंगामा

  • नौबस्ता सागर पुरी में 24 घंटे गुल रही बत्ती, अफसरों ने मोबाइल किए स्विच ऑफ; पीड़ितों का गंभीर आरोप— ‘सुविधा शुल्क देने वालों का काम होता है पहले’
बीपीएस न्यूज़, विशेष संवाददाता
कानपुर, गल्ला मंडी। स्मार्ट सिटी कानपुर में निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। नौबस्ता थाना क्षेत्र के सागर पुरी इलाके में केस्को (KESCO) की बड़ी लापरवाही और संवेदनहीनता का एक संगीन मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक घरेलू उपभोक्ता को खंभे से खराब बिजली सही कराने में पूरे 24 घंटे तक विभागीय दफ्तरों के चक्कर काटने पड़े। भीषण उमस और गर्मी के बीच बच्चे पानी और दैनिक कार्यों के लिए तरस गए, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोते रहे। आक्रोशित उपभोक्ताओं का आरोप है कि सब-स्टेशन में भारी मनमानी व्याप्त है और जो ‘सुविधा शुल्क’ देता है, उसकी सुनवाई पहले की जाती है।
24 घंटे की प्रताड़ना: 1912 से लेकर अफसरों तक सिर्फ आश्वासन
पीड़ित उपभोक्ता के अनुसार, रात करीब 2:00 बजे बिजली के पोल में कार्बन आ जाने से उनके घर की लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी। सुबह जानकारी होने पर पीड़ित ने सुबह 11:00 बजे केस्को की मुख्य हेल्पलाइन 1912 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने करीब 10 किलोमीटर दूर मंडी समिति सब-स्टेशन जाकर वहां तैनात एसएसओ (SSO) को भी व्यक्तिगत रूप से समस्या से अवगत कराया।
दोपहर 3:15 बजे तक जब कोई लाइनमैन नहीं पहुंचा, तो पीड़ित ने दोबारा 1912 और केस्को कार्यालय में कई बार फोन कर गुहार लगाई। शाम 4:15 बजे तीसरी बार शिकायत करने पर हेल्पलाइन द्वारा समस्या का निवारण करने के बजाय जेई (8189045191) और एसएसओ (8189045193) के सरकारी नंबर थमा दिए गए। आरोप है कि जब इन नंबरों पर संपर्क किया गया तो जेई का फोन नेटवर्क से बाहर था और एसएसओ/लाइनमैन का मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
आधी रात को फूटा गुस्सा, सब-स्टेशन का घेराव
घर में पानी की बूंद-बूंद को तरसते बच्चों की परेशानी देख पीड़ित उपभोक्ता रात करीब 11:30 बजे गल्ला मंडी सब-स्टेशन पहुंचे। वहां का नजारा देख वे दंग रह गए। सब-स्टेशन पर पहले से ही दर्जनों आक्रोशित उपभोक्ता अपनी-अपनी शिकायतें लेकर धरने पर बैठे थे और विभागीय कर्मचारियों से उनकी तीखी नोकझोंक चल रही थी।
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि सब-स्टेशन के कर्मचारियों ने शाम से ही सरकारी मोबाइल फोन जानबूझकर स्विच ऑफ कर रखा था ताकि जनता की शिकायतें न सुननी पड़ें। जब लोगों ने सब-स्टेशन का घेराव किया और हंगामा बढ़ा, तब जाकर आनन-फानन में मोबाइल चालू किया गया।
केस्को एमडी से होगी लिखित शिकायत
देर रात 1:00 बजे तक सब-स्टेशन पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ जमा रही और नारेबाजी होती रही। स्थानीय नागरिकों ने केस्को के इस तानाशाही रवैए और लापरवाही के खिलाफ सीधे प्रबंध निदेशक (MD, KESCO) से लिखित शिकायत करने का निर्णय लिया है। इस दौरान मुख्य रूप से पीड़ित दिलीप कुमार मिश्रा, वीरेंद्र कुमार गुप्ता, जितेंद्र मिश्रा, अवधेश भदौरिया, कुंवर पाल, मुन्ना शुक्ला, मोनू रावत सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।
बीपीएस न्यूज़ का सवाल: सरकारी CUG नंबर आखिर क्यों रहते हैं बंद?
जनता का सीधा सवाल है कि केस्को द्वारा जो आधिकारिक (CUG) नंबर बिजली संकट के समय त्वरित निवारण के लिए जारी किए जाते हैं, वे संकट के समय अक्सर बंद या नॉट रीचेबल क्यों हो जाते हैं? अगर अधिकारी फोन पर ही सही स्थिति स्पष्ट कर दें, तो आधी रात को जनता को सब-स्टेशनों पर जाकर हंगामा न करना पड़े। क्या ऐसे गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों पर केस्को प्रबंधन कोई सख्त कार्रवाई करेगा?

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