- समीक्षा बैठक में अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के दिए सख्त निर्देश
कानपुर। मा० सदस्य, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग नीरज गौतम की अध्यक्षता में जनपद भ्रमण कार्यक्रम के तहत आज सर्किट हाउस सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग करते हुए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से संबंधित प्रकरणों, जन शिकायतों एवं शासन द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।
बैठक के दौरान मा० सदस्य नीरज गौतम ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पीड़ितों की शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी स्तर पर अनावश्यक विलंब अथवा उदासीनता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति भेजी जाएगी।
उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए तथा शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मा० सदस्य ने विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए संवेदनशील मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को न्याय दिलाने में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में सदस्य दिशा राज्य स्तरीय समिति उ०प्र० राजू वाल्मीकि, सुनील बाल्मीकि, भोला हजारिया, डॉ० जावेद खान, जीतू यादव, संतोष कनौजिया, विजय मिश्रा सहित अभय तांबे उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक के उपरांत मा० सदस्य नीरज गौतम ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय, कल्याणपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर, छात्रावास, भोजनालय, रसोईघर, कक्षाओं एवं विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का गहन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मा० सदस्य ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही शिक्षा, भोजन, आवास एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था तथा भोजन की गुणवत्ता को विशेष रूप से परखा गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं समय से एवं गुणवत्तापूर्ण उपलब्ध कराई जाएं।
निरीक्षण के दौरान कुछ व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं समाज के वंचित वर्ग से आते हैं, इसलिए उनकी शिक्षा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मा० सदस्य ने विद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि बच्चों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए तथा नियमित निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जाए।
निरीक्षण के दौरान सदस्य दिशा राज्य स्तरीय समिति उ०प्र० राजू वाल्मीकि, उपनिदेशक समाज कल्याण विभाग सहित आश्रम के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित है।
