सड़क हादसे रोकने को हाईवे पर बढ़ेगी निगरानी, 152 अतिक्रमण रडार पर

  • जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक आयोजित
  • हाईवे पर अवैध कब्जों और हाईवे किनारे अवैध पार्किंग पर होगी कार्रवाई, 1033 और राजमार्ग यात्रा एप से कर सकेंगे शिकायत
कानपुर। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, सड़क सुरक्षा, आपातकालीन प्रबंधन की समीक्षा की गई।
बैठक में परियोजना निदेशक एनएचएआई पंकज यादव ने बताया कि ड्रोन एनालिटिक्स मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे कुल 152 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि आमजन टोल फ्री नंबर 1033 तथा ‘राजमार्ग यात्रा’ मोबाइल एप के माध्यम से भी राजमार्गों के किनारे हुए अतिक्रमण की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। एप पर जियो टैग्ड फोटो अपलोड करने, शिकायत की प्रगति जानने तथा निस्तारण की स्थिति देखने की सुविधा उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान के फालोदी दुर्घटना प्रकरण में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों को गंभीर चिंता का विषय माना है। न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जनपद में जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर किसी भी भारी अथवा व्यावसायिक वाहन को निर्धारित ले-बाय, पार्किंग स्थल अथवा वे-साइड एमेनिटी के अतिरिक्त कहीं भी खड़ा नहीं किया जा सकेगा। सड़क किनारे अवैध पार्किंग पाए जाने पर संबंधित विभागों द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित निरीक्षण एवं चौबीस घंटे गश्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट, टोल प्लाजा, इंटरचेंज, सर्विस रोड तथा प्रमुख जंक्शनों का विशेष निरीक्षण किया जाएगा। गश्ती दल अवैध पार्किंग, सड़क पर खड़े खराब वाहन, अतिक्रमण, क्षतिग्रस्त सड़क सुरक्षा अवसंरचना तथा सड़क किनारे संचालित अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखेगा। किसी भी दुर्घटना अथवा आपात स्थिति में एम्बुलेंस एवं राहत सेवाओं को तत्काल सक्रिय किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित, अतिक्रमण मुक्त और बाधारहित बनाए रखने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्धारित समयावधि में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में डीसीपी ट्रैफिक रविन्द्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक कुमार गुप्ता, एआरटीओ कहकशाँ खातून सहित राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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