जिलाधिकारी की वजह से तीन साल की दौड़ का अंत, जनता दर्शन में एक घंटे में मिला समाधान

कानपुर। तीन साल से अपनी ही जमीन के मानचित्र के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे सकरापुर निवासी मनोज कुमार निगम को आखिरकार राहत तब मिली जब उन्होंने शुक्रवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के जनता दर्शन में अपनी समस्या रखी। मनोज कुमार निगम दिन के पहले फरियादी थे और सुबह लगभग 9:30 बजे ही पहुँच गए थे, तीन वर्षों की थकान और मन में अंतिम उम्मीद लेकर। जिस मानचित्र के लिए वे लगातार भटक रहे थे, वह दस्तावेज जिलाधिकारी के निर्देश पर मात्र एक घंटे के भीतर उपलब्ध करा दिया गया। लंबित चारबन्दी मुकदमे में अटकी उनकी पैरवी इसी मानचित्र पर निर्भर थी।
सकरापुर निवासी मनोज कुमार निगम गाटा संख्या 33, 46 और 117 की अपनी भूमि पर पिछले तीन वर्षों से अतिक्रमण के दबाव से जूझ रहे थे। चारों ओर हो रही प्लॉटिंग लगातार सीमा विवाद पैदा कर रही थी। उन्होंने 13 मई 2022 को उपजिलाधिकारी न्यायालय में धारा 24 चारबन्दी का वाद दायर किया था, लेकिन मुकदमे की प्रगति सत्यापित मानचित्र के अभाव में पूरी तरह ठप पड़ी थी।
रिकॉर्ड रूम, लेखपाल, कानूनगो, तहसील कार्यालय और कानपुर विकास प्राधिकरण तक उन्होंने दर्जनों चक्कर लगाए। आवेदन दिए, जवाब का इंतजार किया, पर नतीजा शून्य रहा। तीन वर्षों की दौड़ के बाद भी न दस्तावेज मिला और न ही वाद आगे बढ़ सका।
जिलाधिकारी से मुलाकात में उन्होंने बताया कि मानचित्र न मिलने के कारण न तो सही पैरवी संभव हो पा रही है और न ही भूमि विवाद का समाधान दिख रहा है। प्रकरण सुनकर जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही माना और तत्काल मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दलजीत को शिकायतकर्ता के साथ रिकॉर्ड रूम भेजा, यह निर्देश देते हुए कि दस्तावेज उसी समय उपलब्ध कराया जाए।
निर्देश मिलते ही कार्रवाई शुरू हुई और वह मानचित्र, जिसकी तलाश में शिकायतकर्ता तीन वर्षों से थे, मात्र एक घंटे में खोजकर जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया। इतने वर्षों से अटका प्रकरण उसी दिन आगे बढ़ने की स्थिति में आ गया।
दस्तावेज मिलने के बाद मनोज कुमार निगम ने गहरी राहत महसूस की। जनता दर्शन से बाहर निकलते समय उन्होंने कहा कि तीन वर्षों की पीड़ा का समाधान एक घंटे में हो गया। उनकी आवाज में वास्तविक कृतज्ञता और लंबे संघर्ष के समाप्त होने का संतोष साफ झलक रहा था।
कलेक्ट्रेट में लगेगा बड़ा डिस्प्ले बोर्ड, जनता को मिलेगी स्पष्ट जानकारी
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सभी अपर जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभागों में पटल प्रभारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा करें, जिससे प्रकरणों का निस्तारण उसी स्तर पर और निर्धारित समय सीमा के भीतर हो सके।
आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में एक डिस्प्ले बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। इस बोर्ड पर प्रत्येक शाखा में होने वाले कार्यों की स्पष्ट सूची प्रदर्शित की जाएगी, जिससे आने वालों को यह समझने में कोई भ्रम न रहे कि उनका कार्य किस कक्ष या पटल पर होता है। इस व्यवस्था से नागरिकों को अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और कार्यालयों में सुगमता तथा पारदर्शिता दोनों बढ़ेगी।

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