हर साल 7 जून को मनाया जाता है विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस

हर साल 07 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि स्वच्छ और सुरक्षित भोजन हमारे स्वास्थ्य और जीवन की आधारशिला के लिए कितना जरूरी होता है। हर दिन हम जो भोजन करते हैं, उससे हमें पोषण मिलता है। लेकिन इसमें सुरक्षा और स्वच्छता बरतना भी बेहद जरूरी होता है। क्योंकि खाने में जरा सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इन अहम विषयों पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए हर साल 07 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। तो आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम के बारे में…

क्यों मनाया जाता है ये दिन

इस दिन को मनाकर यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति तक सुरक्षित और पोषक आहार पहुंचे। भोजन में मौजूद बैक्टीरिया, रसायन या अशुद्धताएं व विषैले पदार्थ अनेक बीमारियों के कारण बन सकती है। जिससे डायरिया, फूड पॉइजनिंग और कैंसर आदि का खतरा होता है।

इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य उत्पादन कंपनियों, विक्रेताओं, उपभोक्ताओं और सरकारों को जागरुक करना है कि भोजन की पूरी प्रक्रिया, उत्पादन से लेकर उपभोग तक में स्वच्छता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।

इतिहास

बता दें कि पहली बार 07 जून 2019 को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया गया था। दिसंबर 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित कर इस दिन को ऑफिशियल मान्यता दी थी। यह संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक संयुक्त पहल थी। इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देना है।

थीम

हर साल इस दिन पर एक खास थीम रखी जाती है। जो इस समय ही खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर लोगों का ध्यान केंद्रित करती हैं। इस बार यानी की साल 2025 में ‘भोजन की सुरक्षा: अनपेक्षित परिस्थितियों के लिए रहें तैयार’ थीम रखी गई है।

इस थीम के जरिए यह बताने का प्रयास किया गया है कि महामारी, प्राकृतिक आपदाओं या तकनीकी विफलताओं जैसे हालातों में खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखना कितना जरूरी होता है। हम सभी को खाद्य संकट की स्थिति में तैयार और सजग रहना चाहिए।

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