योग गुरू ज्योति बाबा ने नशा छोड़ो रक्तदान करो का कराया संकल्प

कानपुर। विश्व रक्तदान दिवस 2025 की थीम है रक्त हम सभी को जोड़ता है रक्तदान साझा करें, एक जीवन बचाएं, यह थीम रक्तदाताओं और उन लोगों के बीच एक अदृश्य बंधन को उजागर करती है यह रक्तदान को केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं बल्कि एक गहरा मानवीय संबंध के रूप में भी देखती है यदि कोई व्यक्ति नशे में है तो उसके रक्त में अशुद्धियां या हानिकारक तत्व हो सकते हैं जो रक्त की गुणवत्ता को कम कर सकते हैं और रक्त प्राप्तकर्ता के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं रक्तदान करने से पहले रक्तदाता को कुछ स्वास्थ्य परीक्षणों से गुजरना पड़ता है नशे के कारण दाता का स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है जिससे रक्तदान प्रक्रिया में जटिलता आ सकती है।
उपरोक्त बात सोसाइटी योग ज्योति इंडिया के तत्वाधान में हिंदू जागरण मंच के सहयोग से ड्रग्स मुक्त भारत अभियान के तहत विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी शीर्षक नशा और रक्तदान पर अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी योग गुरू ज्योति बाबा ने कही, ज्योति बाबा ने आगे कहा कि हां, शराब का सेवन रक्तदान के लिए एक बाधा हो सकती है यदि आप रक्तदान से पहले या बाद में शराब का सेवन करते हैं तो यह आपके शरीर की रक्त की मात्रा को ठीक करने में बाधा डाल सकती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पीयूष रंजन मिश्रा सनातनी ने कहा कि रक्तदान से पहले या बाद में शराब का सेवन करने से आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती है जो रक्तदान के बाद ठीक होने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती है। धूम्रपान करने वाले को भी पहले और बाद में धूम्रपान से बचना चाहिए। डॉ आर सी शर्मा ने कहा कि रक्तदान से पहले आप खाली पेट ना रहे और कुछ हल्का नाश्ता करें, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ जैसे की पानी और जूस पिए, रक्तदान से 12 घंटे पहले और बाद में शराब, धूमपान और तंबाकू का सेवन बिलकुल न करें।
वरिष्ठ समाजसेवी कुशल पाल सिंह ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका में संभावित योग्यता में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं अवैध इंजेक्शन, दवाओ का उपयोग करना, एचआईवी होना या हेपेटाइटिस बी या सी के लिए सकारात्मक परीक्षण ,वह पुरुष होना जिसने पिछले 3 महीना में या अन्य पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाए हो इत्यादि है उन्होंने आगे कहा कि यदि आप धूम्रपान सहित व्यक्ति की जीवन शैली उसे रक्तदान करने से अयोग्य बनाती है,हालांकि रक्तदान करने से पहले आपको स्वास्थ्य की स्थिति,जीवन शैली और दवा के इतिहास जैसे कुछ विशेष पात्रता मानदंड जानने चाहिए।
अमित सिंह रोबिन उत्तर अध्यक्ष ने कहा कि रक्तदान के बाद धूम्रपान करने से चक्कर आ सकते हैं इसके अलावा तंबाकू, सिगरेट या इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट में एसिटैलडीहाइड ,प्रोपिलीन,ग्लाइकोल आदि जैसे और रसायन होते हैं जो रक्त को प्रभावित करते हैं। इस अवसर पर समाज सेवा में क्रांतिकारी उपलब्धि हासिल करने वाले मयंक त्रिपाठी एवं बहन सुलोचना दीक्षित को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया। अंत में योग गुरू ज्योति बाबा ने सभी को नशा छोड़ो रक्तदान करो का संकल्प कराया।
अन्य प्रमुख सोशल एक्टिविस्ट गीता पाल,विमल माधव महिला आश्रम,रोहित कुमार,मयंक त्रिपाठी, टिंकू वाल्मीकि, बहन सुलोचना दीक्षित, श्रीमती सरस्वती इत्यादि थी।

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