अब तक आपने रेप के आरोपियों के घर बुलडोजर चलते देखा होगा. दंगाइयों के घर बुलडोजर चलते होगा और भ्रष्टाचारियों के घर बुलडोजर चलते देखा होगा. हर जगह प्रशासन के साथ-साथ पुलिस ही बुलडोजर लेकर पहुंचती है. लेकिन देश में शायद पहली बार ऐसा हुआ है कि खुद पुलिस ही बुलडोजर का शिकार हो गई. बाबा का बुलडोजर पुलिस थाने पर ही चल गया.
सिद्धार्थनगर में उलझ गए अधिकारी
ललित कुमार, SDM, सिद्धार्थ नगर: कैसे नहीं तोड़ेंगे ये लोग
ललित कुमार, SDM, सिद्धार्थ नगर: तोडूंगा
संतोष कुमार त्रिपाठी, कोतवाली थाना प्रभारी: आप लिखकर दे दीजिए
ललित कुमार, SDM, सिद्धार्थ नगर: क्या लिखकर देना है यार
ललित कुमार, SDM, सिद्धार्थ नगर: हां तुम तो तोड़ो यार
एक ओर पुलिस तो दूसरी ओर प्रशासन के अधिकारी
सरकारी अफसरों और पुलिस वालों में जमकर नोंक-झोंक हुई. एक तरफ ADM और SDM जैसे अफसर थे तो दूसरी ओर थाना प्रभारी और सर्किल ऑफिसर थे.
ललित कुमार, SDM, सिद्धार्थ नगर: क्या सीओ साहब मजाक करवा रहे हैं क्या? जब वो बाउंड्री टूट रही है तो ये क्यों नहीं टूटेगी?
संतोष कुमार त्रिपाठी, कोतवाली थाना प्रभारी: आप लिखकर दे दीजिए ना. हमारी प्रॉपर्टी ये है. थाने की प्रॉपर्टी है, थाने को कुछ हो जाएगा तो आप जिम्मेदार होंगे?
अरुणकांत सिंह, सीओ, सिद्धार्थ नगर: आप बनवाइए हम तोड़वा देंगे. हम तोड़वाएंगे. हमारा बनवाइए हम तोड़वा रहे हैं.
ललित कुमार, SDM, सिद्धार्थ नगर: तोड़ने दीजिए जो होगा देखा जाएगा
संतोष कुमार त्रिपाठी, कोतवाली थाना प्रभारी: आप लिखित दे दीजिए ना हम लोगों को. थाने की जिम्मेदारी हमारी है. हमारे घर की बिल्डिंग है क्या?
ललित कुमार, SDM, सिद्धार्थ नगर: चलो तोड़ो..गेट के सामने तोड़ो
पुलिस वाले नहीं तोड़ने दे रहे थे दीवार
पुलिस अधिकारी कह रहे थे कि थाने की दीवार नहीं तोड़ने देंगे. थाना प्रभारी तो अफसरों से लिखित आदेश मांग रहे थे. तो सिद्धार्थनगर के ADM उमाशंकर सिंह और SDM ललित कुमार भी अड़ गए कि किसी भी हालत में थाने का अतिक्रमण तो टूटकर रहेगा.
उमाशंकर सिंह, ADM, सिद्धार्थनगर: उधर सुनिए इंस्पेक्टर साहब ये आपकी और सीओ साहब की ड्यूटी है ऊपर बात करना. मुझे जिससे बात करनी थी मैंने कर ली. प्लीज आप करिए, अभी करिए. आप कहिए ना कि ADM साहब कह रहे हैं. आप सांकेतिक तौर पर गेट के पास तोड़ लीजिए.
आखिर में बुल्डोजर की हुई जीत
सरकारी अफसरों के आगे पुलिसवालों की नहीं चली और अंत में जीत बुलडोजर की ही हुई और कोतवाली के गेट को बुलडोजर ने कुछ ही सेकेंड में ढहा दिया.
असल में सिद्धार्थ नगर की खजुरिया रोड सरकारी दस्तावेजों में 18 मीटर है. लेकिन लोगों ने अतिक्रमण करके इसे 8 मीटर का कर दिया है. इसकी वजह से अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है. नगरपालिका ने इस अतिक्रमण को हटाने की जिम्मेदार जिले के 2 सख्त अफसरों ललित कुमार और उमाशंकर सिंह को दी थी. दोनों अफसर पुलिस के दबाव में आए बगैर, सख्ती दिखाते हुए थाने के कब्जे पर बुलडोजर चलवा दिया.
उत्तर प्रदेश में बाबा का बुलडोजर अतिक्रमणकारियों पर चल रहा है. अब तो पुलिस भी अछूती नहीं है. यूपी में बुलडोजर ना तो धर्म देखता है और ना ही पद या विभाग. हर अवैध चीज के खिलाफ पीला पंजा जरूर चलता है.
