कानपुर। बीते दिनों बारिश के कारण आये मौसम में बदलाव के चलते गर्मी लगभग गायब सी हो गयी थी और मौसम खुशनुमा होने के कारण चिड़ियाघर में भी रौनक दिखायी पड रही थी। यूंतो कानुपर में मनोरंजन के मुख्य स्थानों में चिड़ियाघर अग्रणी है लेकिन धूप, गर्मी और तपिश के कारण लोगों की संख्या में कमी आयी है। हांलकि चिड़ियाघर में अन्य छोटे बडे जानवरों के साथ मुख्य आकर्षण का केंद्र आज-कल काले हिरण बने हुए है, जिनकी सुन्दरता यहां आने वालो को हैरान कर देती है।
बीते दो दिनों से निकली तेज धूप और गर्मी के कारण चिड़ियाघर में जानवर एक बार फिर अपने बाडों में दुबक गये है। दोपहर होते-होते सभी जानवर मैदान से अपने बाडों में चले गये। चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से गर्मी के लिए खासी तैयारियां की गयी थी। जानवरों के बाडों में कूलर और नमी के लिए फुआर की भी व्यवस्था की गयी थी। यहां आने वाले लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र काला हिरण बना हुआ है। बताया जाता है कि बीते पांच वर्षाे में यहां काले हिरण की संख्या दो गुनी हो गयी है। यहां 105 प्रजाति के 1250 से अधिक वन्यजीव है, जिसमें कई प्रजाति के हिरण भी है।
गर्मी के कारण काला हिरण और भी काला हो जाता है, जिससे उसकी त्वचा चमकदार हो जाती है और लोगों को अपनी ओर अकर्षित करती है। वैसे यह हिरण जन्म के समय नर व मादा दोनो ही भूरे रंग के होते है पर आयु बढने के साथ ही नर हिरण का रंग काला हो जाता है। वर्तमान समय मं चिड़ियाघर में काले हिरणों की संख्या 85 हो गयी है। इन हिरणों की प्रजाति को संकटग्रस्त प्रजाति की श्रेणी में माना जाता है वहीं चिड़ियाघर में इन हिरणों को पूरी तरह प्राकृतिक वातावरण और जंगल की अनभूति होती है।
