
कानपुर, उत्तर प्रदेश में राज्य कर विभाग, वैट कर प्रणाली के समय से ही कानपुर मंडल में शामिल अन्य जिलों के व्यापारी कानपुर में ट्रिब्यूनल होने से अपील यही दाखिल करते चले आ रहे थे जो की व्यापारियों के लिए न्याय पाने का शुलभ व सुगम माध्यम था परंतु अब कानपुर को जी०एस०टी कानून के अंतर्गत ट्रिब्यूनल के गठन में शामिल नहीं किया गया है वंचित रखा गया है, जी०एस०टी कानून के अंतर्गत कानपुर नगर को जी०एस०टी ट्रिब्यूनल के गठन में पुनः शामिल करने को लेकर धरना प्रदर्शन किया
यह की अब जीएसटी कानून के अंतर्गत कानपुर में ट्रिब्यूनल के गठन का न होने से कानपुर व उसके आस पास के जिलो के व्यापारियों को साथ अन्याय होगा यह की अब जीएसटी ट्रिब्यूनल में अपील दाखिल करने के लिए व्यापारियों को दूसरे जिले में जाना होगा, जिससे उनका धन और समय दोनो पर असर पड़ेगा और उन्हें त्वरित न्याय पाने में अत्यधिक विलंभ का सामना करना होगा।
परंतु इसके इतर केंद्र सरकार द्वारा लागू जीएसटी कानून में कानपुर मंडल के व्यापारियों के हितों को अनदेखा करते हुए जीएसटी ट्रिब्यूनल के गठन के लिए अन्य शहरों को चुना जाना कानपुर के व्यापारी के साथ अन्याय व पक्षपात पूर्ण है।यह की कानपुर के साथ यह अनदेखी इस बात का धोतक है की सरकार कानपुर के व्यापारियों को सुलभ व त्वरित न्याय व्यवस्था का लाभ देने से वंचित रखना चाहती है।यह की सरकार द्वारा व्यापार करने के लिए व्यापारी को उचित माहौल मिलना चाहिए वो अब भविष्य मिल पाने की संभावना कम है, सरकार की उपेक्षा व अनदेखी से पूर्व में जिस शहर को मैनचेस्टर का दर्जा प्राप्त था जो शहर उतर प्रदेश में सबसे अधिक राजस्व देता है जिसमे मुख्य रूप से आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अनुज शुक्ला, जिला महासचिव मुशीर सिद्दीकी, गोविन्द प्रधान, जीतेन्द्र वर्मा, सामी इकबाल, नरेश अग्रवाल, राहुल मेहरोत्रा, सैय्यद वसीम उद्दीन आदि सैकड़ो कार्यकार्ता और व्यापरी मौजूद रहे!
