पंजाब में प्रवासी हिंदुओं के खिलाफ आप सरकार का हिन्दू विरोधी एजेंडा असहनीय: हिन्दू महासभा 

  • हिन्दू और सिख एक मां ( सनातन ) के दो संतान: द्विवेदी
नई दिल्ली, अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने पंजाब में रहने वाले हिंदुओं के खिलाफ सरकार का हिन्दू विरोधी एजेंडा की कड़ी निन्दा करते हुए इसे असहनीय घोषित किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार हिंदुओं के प्रति वैमनस्य की भावना रखती है और उसका हिन्दू विरोधी एजेंडा खालिस्तान समर्थकों के इशारे पर लागू किया जाना प्रतीत होता है।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि पंजाब में दलित हिंदुओं को दलित प्रमाण पत्र जारी किया जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिस कारण उनके बच्चों को न तो स्कूलों में दाखिला मिल पा रहा है और न ही अन्य राजकीय सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राजकीय सुविधाओं के अभाव में पंजाब के दलित हिंदुओं का जीवन नरक से भी बदतर हो गया है और वो पंजाब से पलायन करने पर विवश हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू और सिख एक मां ( सनातन धर्म ) की दो संतान है और दोनो में भेद करना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। यह जानकारी आज जारी बयान में हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने दी।
बी एन तिवारी ने जारी बयान में कहा कि पंजाब सरकार विभाजनकारी नीतियों के माध्यम से हिन्दू और सिख में विभाजन पैदा कर पंजाब प्रदेश को हिन्दू विहीन बनाने की साजिश रच रही है, जो खालिस्तान समर्थकों के षड्यंत्र से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का खालिस्तान समर्थकों से संबंध जगजाहिर है और हिन्दू तथा सिख के मध्य भेदभाव पंजाब को पृथक राष्ट्र बनाने की अलगाववादी नीति से प्रेरित लगता है। हिन्दू महासभा इसे किसी भी कीमत पर सहन नही करेगी और लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद पंजाब सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करवाने के लिए अभियान आरंभ करेगी।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी को दलित विरोधी घोषित करते हुए कहा कि दलितों का यह विरोध आम आदमी पार्टी के ताबूत की आखिरी कील सिद्ध होगा।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश सिंह और पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुमित्र राय ने कहा कि पंजाब में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार सहित उत्तर भारत, पश्चिम भारत से भारी संख्या में हिन्दू रोजगार की तलाश में पंजाब आते हैं और पंजाब के विकास तथा राजस्व वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके साथ पंजाब सरकार का सौतेला व्यवहार पंजाब को पतन के मार्ग पर ले जायेगा। यदि प्रवासी हिंदुओं ने पंजाब आना बंद कर दिया और सारे प्रवासी हिन्दू वापस अपने राज्यों में लौट गए तो पंजाब का नाम देश के सबसे पिछड़े प्रदेशों की सूची में शुमार हो जायेगा। दोनो पदाधिकारियों ने कहा कि पंजाब सरकार महाराष्ट्र सरकार की उत्तर भारतीय विरोधी नीति अपना रही है, जो राष्ट्रहित में नहीं है। सरकार को हिन्दू विरोधी नीति त्यागकर समान नीति लागू करनी होगी।

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