सरकार के गलत निर्णयों का एकजुटता के साथ विरोध करने का किया गया आवाहन

कानपुर।  कें द्र, राज्य एवं अन्य वर्गों के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा में संघर्षरत कर्मचारी कल्याण समन्वय समिति के संचालक मंडल की नियमित आवश्यक बैठक बैंक ऑफ बड़ौदा, सिविल लाइंस शाखा स्थित AIBOBECC के यूनियन कार्यालय, कानपुर में समिति के अध्यक्ष एवं बैंक के वरिष्ठ नेता का0 रजनीश गुप्ता जी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें सर्वप्रथम गत 9 मार्च को सम्पन्न हुई बैठक कार्यवाही को स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके बाद आगामी 20 मई, 2025 को अखिल भारतीय स्तर पर विविध ट्रेड यूनियनों, राज्य एवं केंद्र सरकार के स्वतंत्र फेडरेशनों की एक दिवसीय प्रस्तावित हड़ताल का भी नैतिक समर्थन देने का प्रस्ताव पारित किया गया।

इसी के साथ महाअध्यक्ष-इंडियन साइंस कांग्रेस एसो0,कोलकाता एवं आजीवन वरिष्ठ सदस्य डा ए0 के0 सक्सेना ने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्तमान में सभी अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रमिक हितों पर हो रहे कुठाराघात पर अवगत कराया कि भारत सरकार के एक मंत्रालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विभाग के नियम विरुद्ध हस्तक्षेप के विरुद्ध कलकत्ता हाईकोर्ट का जो निर्णय इंडियन साइंस कांग्रेस एसो0 के पक्ष में दिया गया उसकी भी भूरि भूरि सराहना की गई और सभी लोगो से सरकार के गलत निर्णयों का एकजुटता के साथ विरोध करने का आवाहन किया गया।

इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा आठवें वेतन आयोग की घोषणा के बाद अभी तक उसका गठन नहीं किया गया है, उसका तुरंत गठन किया जाए जिसमें सुनिश्चित किया जाए कि उसकी सिफारिशों को सभी पेंशनरों के लिये भी पूर्व की भाँति शामिल करने के साथ उसे 01 जनवरी, 2026 से लागू किया जाए। इस संबंध में सरकार को एक ज्ञापन शीध्र दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त संयुक्त संघर्ष/आंदोलन हेतु अनेक वरिष्ठ नेताओं को विविध कमेटी/प्रकोष्ठों में नामित करने, समिति के बाईलाज में आवश्यक संशोधनों को आमसभा में अनुमोदन/पारित करने तथा अनेक संघो के प्रतिनिधियों को जोड़कर रिक्त स्थानों पर सम्मान सहित शामिल करने सहित अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।

अंत में अन्य विषय के अंतर्गत यह भी निर्णय लिया गया कि अधिकारियों एवं कर्मचरियों के अनेक संघो द्वारा प्रमुख माँगों पर हो रहे आगामी संघर्ष एवं आंदोलन में पूरा सहयोग देने के अलावा निम्न प्रमुख मुद्दों पर शीध्र रणनीति बनाकर संघर्ष जारी रखा जाएगा-

1. नई पेंशन योजना अर्थात एनपीएस या अप्रैल से लागू होने वाले यूपीएस (एकीकृत पेंशन योजना) को खारिज कर पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए।

2- सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा सभी रिक्त पदों पर तत्काल स्थाई नियुक्ति की जाय तथा आउट सोर्सिंग के माध्यम से नियोजित संविदा तथा स्कीम वर्कर्स को श्रम कानूनों के तहत पूर्ण वेतन पर नियमित और स्थाई नियुक्ति दी जाए।

3- मृतक आश्रति के रिक्त पदों के लिये सीलिंग हटाकर शतप्रतिशत भर्ती सुनिश्चित की जाए।

4. चार श्रम संहिता कानून को रद्द किया जाए।

5. बिजली बिल 2022 रद्द करने के साथ ही वितरण प्रणाली को निजी क्षेत्र में दिए जाने का प्रस्ताव रद्द किया जाए।

बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों एवं सदस्यों में कार्यकारी अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह, महामंत्री शरद प्रकाश अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजीव निगम, कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार भाटिया, मंत्री अरविंद द्विवेदी, आडीटर पी0 के0 शर्मा, उ0प्र0 राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल, अनिल बाजपेई, संगठन मंत्री कामाख्या प्रसाद मिश्रा, शिवेंदु श्रीवास्तव, अनूप मिश्रा, रमाकांत गुप्ता, रमाशंकर, सुरेश सचान, अशोक तिवारी आदि मौजूद रहे।

                              

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