विकास को तरस रहे शहर किनारे के क्षेत्र, पांच वर्षो से नही बनी गलियां, न लगती कभी झाडू

  • न्यू आजाद नगर की सडकों पर बडे-बडे गड्ढे, रोज हो रही दुर्धटनाये
  • बरसात के दौरान क्षेत्र बन जाता तालाब, नालों की सफाई दिखावे की
कानपुर। कानपुर शहर का अंदुरूनी भाग जहां बडे-बडे होटल, अपार्टमेट सरकारी विभाग अस्पताल, नर्सिंगहोम कचहरी, डीएम कार्यालय सहित अन्य कार्यालय है साथ ही आर्य नगर, स्वरूप नगर, सूटरगंज, वीआईपी रोड जैसे पाॅश इलाके है ऐसे शहर के अंदुरूनी भाग में तो विकास ही विकास दिखता है लेकिन शहर के महज 10-12 किलोमीटर बाहर निकल कर देखा जाये तो विकास का कहीं नामों निशान नही मिलता है। बदहाल व्यवस्थाएं, टूटी सडकें, बजबाते नाली और नालियां स्वयं ही दुर्दशा की कहानी कहती है। नगर निगम सहित सभी विभाग इन क्षेत्रो पर अपनी आंख बंद किए है।
कानपुर का अंदुरूनी इलाका तो चमचमाता दिखता है, लेकिन बाहरी क्षेत्र में विभागों की अनदेखी लोगो की जिंदगी बदतर बना रही है। बाईपाई पीएसी मोड से न्यू आजाद नगर, सतबरी रोड, आगे भीमनगर चैरहा से महादेवन मंदर रोड में वाहनों का चलना दुश्वार है।  हालत यह कि कुछ जगहों पर तो इतने बडे गडढे है कि पैदल चलना भी दूभर है। न तो क्षेत्र में कोई नया विकास देखने को मिलता है और न ही विभागीय कोई कार्य। न्यू आजाद नगर मार्ग के आधे हिस्से में जहां बाजार है वहां तो झाडू लग भी जाती है, इसके बाद सडको और गलियों में गंदगी ही गंदगी है। कई गलियों में तो नाली का भी निमार्ण नही हुआ है। आलम यह है कि खराब सडकों पर रोज लोग चुटहिल हो रहे है।
नालों की सफाई सिर्फ खानापूर्ति
न्यू आजाद नगर रोड के दोनो तरफ गहरे नाले है, जिसमें पूरे क्षेत्र का पानी निकलता है, लेकिन यहां नाले की सफाई तो की गयी लेकिन महज खानापूर्ति करी गयी। नाले उसी तरह बजबजा रहें है। नालियों की तो कभी सफाई नही होती। कई गलियों में अभी तक नाली ही नही बनी तो आज भी लोगो के घरों में मल निकासी के लिए लाइन नही डाली गयी, लोगों को सीवर टैंक बनवाना पडता है। कई बार क्षेत्रीय सभासद के कहा गया, लेकिन हुआ कुछ भी नही।
बाजार में अतिक्रमण का कब्जा, नालियां गायब
न्यू आजाद नगर मार्ग में स्थित बाजार बुरी तरह अतिक्रमण से ग्रसित है। लोगों ने पूरा फुटपाथ घेर रखा है। नालियों को पक्के निर्माण से बंद कर दिया गया है, जिससे प्रतिदिन सफाई नही हो पा रही है। सफाईकर्मी प्रतिदिन झाडू भी नही लगाता है। सडको पर गडढे तो है सी साथ में किनारो से सडकें उखड चुकी है। दिनभर हादसे होते है और आशंका भी बनी रहती है।
वसूली के डर से भारी ट्रकों का आवागमन
हमीरपुर की तरफ से आने वाले मौरंग आदि के लदे भारी ट्रकों को यदि फतेहपुर या लखनऊ की ओर जाना होता है तो उन ट्रकों को नौबस्ता चैराहा जाना चाहिए लेकिन कुछ ट्रक चैराहे से पहले सैनिक चैराहा के लिए मुड जाते है जो भीमनगर से न्यूआजाद नगर होते हुए, पीएसी, श्यामनगर बाईपास से निकलकर निकलते है। इन भारी ट्रकों के कारण सडक और भी खराब हो रही है तो वहीं धूल का गुब्बार बना रहता है। बडी बात तो यह कि इसी रोड पर पुलिस चैकी भी है लेकिन इन ट्रकों को रोकने या इनपर कार्यवाई नही की जाती है।
जहां एक ओर न्यू आजाद नगर के निवासी इन समस्याओं से प्रतिदिन जूझ रहे है तो वहीं बरसात आने वाली है। बारसात के समय क्षेत्र में पानी की समूचित निकासी बाधित होने के कारण पूरा क्षेत्र तालाब बन जाता है। सडकों पर बने 1से डेढ फुट के गडढों में पानी भर जाता है। कच्ची गलियों में पानी भर जाता है। रपटन और उबड-खाबड सडकों पर चलने की स्थिति नही होती, मजबूर होकर लोगों को इन्ही टूटी सडकों से गुजना पडता है, जिससे आये दिन हादसे होते रहते है।

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