दो दिवसीय संगोष्ठी में युग युगीन कानपुर के गौरवशाली इतिहास की दी गई जानकारी

कानपुर। एस.एन सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज कानपुर के इतिहास विभाग के तत्वाधान में भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, द्वारा प्रायोजित  दो दिवसीय  राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘कानपुर थ्रू दि एजेज अनवेलिंग द लेयर्स ऑफ़ हिस्ट्री ‘(युग -युगीन  कानपुर) का समापन समारोह  आयोजित किया गया। समापन सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुरलीधर राम (क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, कानपुर), चेयर पर्सन  संजय, हर्ष (राष्ट्रीय संगठन सह- सचिव, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना), मुख्य वक्ता प्रोफेसर रजनीश शुक्ला (संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी), महाविद्यालय प्रबन्ध तंत्र समिति के अध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्रा, सचिव प्रोबीर कुमार सेन, प्राचार्या प्रो. सुमन, गेस्ट ऑफ़ ऑनर डॉ. विकास कुमार (असिस्टेंट डायरेक्टर, स्टेट प्लैनिंग इंस्टीट्यूट उ. प्र.), तथा संगोष्ठी संयोजिका डाॅ. मनीषा दीवान के द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से किया गया। सत्र में स्पेशल स्पीकर प्रोफेसर राजेश नायक (जे. पी. नारायण यूनिवर्सिटी छपरा बिहार), प्रो. महेंद्र नाथ पाण्डेय, प्रो. शैलेन्द्र शर्मा, महाविद्यालय प्रबंध समिति के संयुक्त सचिव शुभ्रो सेन तथा कोषाध्यक्ष दीपाश्री सेन, ने अपनी गरिमामय उपस्थिति और उद्बोधन से उपस्थित प्रतिभागियों को लाभान्वित किया। अतिथि स्वागत  की परंपरा का निर्वाह करते हुए प्राचार्या प्रो. सुमन ने सभी अतिथियों का अभिनंदन एवं आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय संगोष्ठी के तकनीकी सत्र में देश के विभिन्न भागों से आए हुए इतिहास के लगभग 50 अध्येताओं व शोधार्थियों द्वारा पुरातन कानपुर के बदलते स्वरूप की व्याख्या एतिहासिक परिप्रेक्ष्य में की गई। युग युगीन कानपुर के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दो दिन की संगोष्ठी में विस्तृत रूप से प्रदान की गई। प्रतिभागियों ने PPT Presentation से अपने शोध पत्रों को प्रस्तुत किया। तकनीकी सत्र में संयुक्त सचिव शुभ्रो सेन पूरे समय उपस्थित रहे तथा प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कानपुर में एस. एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज के गौरवशाली इतिहास  से सदन को परिचित कराया। सत्र में डाॅ. रत्ना सिंह, डाॅ. जितेंद्र सिंह, डाॅ. विकास कुमार, डाॅ. पूर्णिमा शुक्ला तथा अंजलि सचान ने कानपुर के अनछुए इतिहास पर अपना शोधपत्र वाचन किया। तकनीकी सत्र का संचालन प्रो. मीनाक्षी व्यास के द्वारा किया गया | चेयर पर्सन प्रो. चांदनी सक्सेना ने अजीजन बाई के अलिखित इतिहास से परिचय कराते हुए तकनीकी सत्र का समापन किया।
संगोष्ठी में ऑनलाइन पेपर प्रस्तुत करने की व्यवस्था स्मार्ट क्लास में की गई थी जिसमें देश के दूरस्थ क्षेत्रों के 20 प्रतिभागियों ने भी संगोष्ठी में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। मीडिया प्रभारी डॉ. प्रीति सिंह ने कार्यक्रम के विषय में बताते हुए कहा नई पीढ़ी अपने कानपुर की कानपुरिया जीवन शैली को ना जानते हैं ना कानपुर के इतिहास को इस प्रकार की कांफ्रेंस उनको इतिहास से जोड़ने में अवश्य ही सफल होगी।शिक्षा शास्त्र विभागध्यक्षा प्रो. चित्रा सिंह तोमर ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाओं ने सेमिनार आयोजन की अलग अलग समितियों में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया। महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने अपना कार्य मनोयोग से पूर्ण किया।

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