- 24 सूत्रीय मांगों को लेकर दिया धरना
- मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सोपा
कानपुर। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के आहवाहन पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन कानपुर के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि फार्मासिस्ट की 24 सूत्रीय मांगों पर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेते हुए आदेश जारी करने की आवश्यकता है। धरने में उपस्थित सभी फार्मासिस्टों में रोष व्याप्त है। फार्मासिस्टों को चिकित्सा जगत की रीड की हड्डी कहा जाता है। गांव क्षेत्र में प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट की अहम भूमिका होती है। अध्यक्ष दिलीप सिंह सचान ने पदों के मानकीकरण पर जोर देते हुए कहा कि मरीजों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए सी.एच.सी. पर चीफ फार्मासिस्ट के 2 पद व फार्मासिस्ट के 3 पद जरूर होने चाहिए।

मंत्री विवेक सिंह यादव ने पदनाम परिवर्तन तथा नुक्सा लिखे जाने का अधिकार दिए जाने की मांग पर बल देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अन्य सर्वाग जैसे नेत्र सहायक को नेत्र परीक्षण अधिकारी, स्टाफ नर्स को नर्सिंग अधिकारी का पदनाम दे दिया गया है। उसी प्रकार से फार्मासिस्ट का पदनाम परिवर्तित किए जाने में सरकार को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इससे सरकार पर कोई वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा। धरना दे रहे अन्य फार्मासिस्ट सदस्यों ने सरकार से मांग रखी कि फार्मासिस्टों की 24 सूत्रीय मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार व्यक्त करते हुए इन मांगों का निराकरण कराया जाये। वही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सोपा गया।

धरने में मुख्य रूप से विमल श्रीवास्तव, संजय मिश्रा, अजय सिंह, के.के. त्रिपाठी, कुमुदनी त्रिपाठी, सी.बी. सचान, जे.पी. प्रजापति, नगेंद्र वाजपेई, सपना वर्मा, शैलेंद्र सचान, मुकेश शाक्य, देवेंद्र कुमार, आलोक सोनकर, संजीव साहू, नरेंद्र पांडेय, अविनाश यादव, विनोद कनौजिया, अनिल पटेल, दिलीप मिश्रा, राजेश उत्तम, राज कपूर आदि मौजूद रहे।
