चौरीचौरा एक्सप्रेस में रिजर्वेशन सिस्टम फेल, आरक्षित कोचों पर जनरल यात्रियों का कब्जा; टीटीई नदारद

  • कानपुर से इलाहाबाद तक नहीं होती चेकिंग, महंगा टिकट लेकर भी नारकीय सफर भुगत रहे यात्री
  • कानपुर निवासी पीड़ित यात्री अरुण अस्थाना ने रेल मंत्री से की शिकायत, जांच की मांग
बीपीएस न्यूज़, अरुण अस्थाना
कानपुर। भारतीय रेलवे में नियमों को ताक पर रखकर सफर करने वाले अनाधिकृत यात्रियों के कारण वैध और आरक्षित टिकट वाले यात्रियों का सफर नारकीय बनता जा रहा है। ताजा मामला कानपुर सेंट्रल से इलाहाबाद (प्रयागराज) होते हुए गोरखपुर जाने वाली चौरीचौरा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या: 15003) का है, जहाँ स्लीपर और आरक्षित बोगियों की बदहाली को लेकर यात्रियों में भारी आक्रोश है। रेलवे प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि जो यात्री पूरा पैसा देकर टिकट बुक कराता है, उसे प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
पैसा लगाने वाला तकलीफ में, जनरल टिकट वाले आराम से
कानपुर निवासी पीड़ित यात्री संदीप अस्थाना ने रेलवे की इस घोर लापरवाही को लेकर रेल मंत्री को सोशल मीडिया के माध्यम से मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित यात्री का आरोप है कि ट्रेन में रिजर्वेशन का अब कोई महत्व नहीं रह गया है। महंगा आरक्षित टिकट लेकर सफर करने वाले यात्री तो बोगियों में खड़े होने या सिकुड़कर बैठने को मजबूर हैं, जबकि जनरल टिकट लेकर चढ़ने वाले लोग आरक्षित सीटों पर लेटकर आराम से सफर कर रहे हैं।
कानपुर से इलाहाबाद तक कोई चेकिंग नहीं
यात्री संदीप अस्थाना ने बताया कि कानपुर सेंट्रल से ट्रेन छूटने के बाद इलाहाबाद स्टेशन आने तक पूरी बोगी में एक भी टीटीई (TTE) या रेल सुरक्षा बल (RPF) का जवान चेकिंग के लिए नहीं पहुंचता। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर जनरल टिकट धारक और बिना टिकट वाले लोग आरक्षित बोगियों में जबरन घुस जाते हैं। भीड़ इतनी अधिक हो जाती है कि वैध टिकट वाले यात्रियों को अपनी ही सीट पर बैठने तक की जगह नहीं मिलती।
रेल मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
पीड़ित यात्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह रेलवे प्रबंधन की बहुत बड़ी नाकामयाबी है। उन्होंने रेल मंत्री से पुरजोर अनुरोध किया है कि इस गंभीर मामले को तत्काल संज्ञान में लिया जाए। कानपुर से इलाहाबाद रूट पर चलने वाली चौरीचौरा एक्सप्रेस में नियमित रूप से बोगियों की औचक चेकिंग (Surprise Checking) कराई जाए और आरक्षित डिब्बों में अवैध रूप से घुसने वाले यात्रियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता का रेलवे की रिजर्वेशन व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके।
रेलवे एक्ट की उड़ रही धज्जियां
नियमानुसार, आरक्षित बोगी में बिना वैध रिजर्वेशन के यात्रा करना रेलवे अधिनियम की धारा 155 के तहत दंडनीय अपराध है। इसके लिए जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है। लेकिन चौरीचौरा एक्सप्रेस में कानपुर सेंट्रल जैसे बड़े स्टेशन पर ही सुरक्षा बलों (RPF/GRP) द्वारा बोगियों को चेक न करना रेलवे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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