छोटे मशरूम लेंगे कैंसर से पंगा, दिल और दिमाग भी होगा चंगा

मशरूम एक ऐसा फूड है जिसमें न्यूट्रिएंट्स की कोई कमीनहीं होती. इसमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स डाइटल को बैलेंस्ड बनाते हैं. एक ताजा रिपोर्ट कहती है कि दिल से जुड़ी बीमारियां, कैंसर और डिमेंशिया से भी लड़ने में मदद करते हैं. नई रिसर्च के मुताबिक एक दिन में सिर्फ 5 छोटे साइज के मशरूम खाने से शरीर को कई फायदे हो सकते हैं.

रिसर्चर्स के मुताबिक ऐसा 2 मुख्य एंटीऑक्सीडेंट – एर्गोथियोनीन और ग्लूटाथियोन की वजह से होता है. ये पदार्थ डैमेजिंग ‘फ्री रेडिकल्स’ को बेअसर करने में अहम रोल अदा करते हैं, जो कई तरह की गंभीर बीमारियों का कारण होते हैं.

अमेरिका में पेन स्टेट सेंटर फॉर प्लांट एंड मशरूम प्रोडक्ट्स फॉर हेल्थ के निदेशक रॉबर्ट बीलमैन ने कहा, “हमने पाया कि मशरूम इन दो एंटीऑक्सीडेंट का बड़ा सोर्स है.”

मशरूम की वेरायटीज
पोर्टोबेलो, एनोकी , पोर्सिनी , चैंटरेल , स्टिंकहॉर्न , पफबॉल , डंग कैनन, हेयर आइस या हाइडनेलम पेकी समेत मशरूम के 14,000 टाइप्स दुनिया भर में पाए जाते हैं.

जहर वाले मशरूम
इनमें से कुछ जहरीले होते हैं और उनके नाम भी उतने भयानक होते हैं. जैसे डेडली डैपरलिंग, डिस्ट्रॉइंग एंजल्स, डेथ कैप और ऑटम स्कलकैप. कुछ साइकेडेलिक मशरूम इतने अजीब होते हैं कि कई देशों ने उन्हें गैरकानूनी करार दे दिया है.

डायबिटीज और हार्ट के पेशेंट जरूर खाएं
हालांकि, ऐसे कई मशरूम हैं जो पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. कोयंबटूर स्थित मशरूम फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अनुसार, मशरूम प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन से भरपूर होते हैं, कैलोरी में कम होते हैं और इसलिए हार्ट और डायबिटीज पेशेंट को इसे खाने की सलाह दी जाती है.

प्रोटीन पॉवरहाउस
वो अनाज, फलों और सब्जियों की तुलना में प्रोटीन में रिच हैं, इनहें पकाने के बाद भी प्रोटीन बरकरार रहता है. रिसर्चर्स का कहना है कि चूंकि मशरूम में कम कैलोरी, हाई प्रोटीन, हाई फाइबर सामग्री और हाई पोटेशियम: सोडियम अनुपात होता है, इसलिए वो डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए आदर्श हैं.

इंडिया के पॉपुलर मशरूम
भारत में आठ सबसे लोकप्रिय मशरूम हैं. इनमें बटन मशरूम सबसे लोकप्रिय है. ये छोटे से दिखते हैं और दुनिया भर में उगाई और खाई जाने वाली सबसे लोकप्रिय मशरूम किस्म है. ये विटामिन (बी विटामिन, विटामिन डी), मिनरल्स (सेलेनियम, तांबा, पोटेशियम) और एंटीऑक्सीडेंट जैसे जरूरी न्यूट्रिएंट के रिच सोर्स हैं.

वहीं ऑयस्टर मशरूम मखमली बनावट के लिए जाने जाते हैं. एक कप कच्चे, कटे हुए ऑयस्टर मशरूम में सिर्फ 28 कैलोरी होती है. इसमें फैट, कोलेस्ट्रॉल और सोडियम कम होता है और नियासिन, फोलिक एसिड, विटामिन सी और बी12 और एमिनो एसिड एर्गोथायोनीन जैसे पोषक तत्व ज्यादा होते हैं.

भारत में पाई जाने वाली अन्य किस्में शिटेक मशरूम, कॉर्डिसेप्स मशरूम, लायन मेन मशरूम, रीशी मशरूम, टर्की टेल मशरूम और चागा मशरूम हैं.

प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मक़सद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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