अवैध कोडीन सिरप नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्यवाही….. अवैध व्यापार में संलिप्त फर्म मालिक किया गया गिरफ्तार

फर्जी बिलिंग व डिजिटल साक्ष्य बरामद, 500 से अधिक बोतलों की अवैध खरीद–फरोख्त का खुलासा
कानपुर। पुलिस उपायुक्त अपराध श्रवण कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस द्वारा नशीली एवं प्रतिबंधित औषधियों के अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत थाना हनुमंत विहार क्षेत्र में एक बड़ी कार्यवाही की गई है। थाना हनुमंत विहार में पंजीकृत मु0अ0सं0 236/25, धारा 206/318(4)/336(3)/338/340(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं 8C/21C/22/26 एनडीपीएस एक्ट से संबंधित प्रकरण में वांछित अभियुक्त विशाल सिंह सिसोदिया पुत्र राजन सिंह, उम्र लगभग 23 वर्ष, निवासी आराजी नं0 1535, नई बस्ती बख्तौरी पुरवा, थाना हनुमंत विहार, कानपुर नगर को 3 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त मेसर्स सिसोदिया मेडिसिन हाउस, आराजी नं0 551/1, ग्राउंड फ्लोर, अर्रा रोड, अर्रा, थाना हनुमंत विहार, कानपुर नगर का प्रोपराइटर है।
औषधि निरीक्षक, कानपुर नगर द्वारा दिनांक 5 नवम्बर 2025 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। निरीक्षण के दौरान यह गंभीर तथ्य सामने आया कि अभियुक्त द्वारा अपनी फर्म के माध्यम से कोडीन युक्त प्रतिबंधित औषधि “फैंसीपिक-टी” सिरप का भारी मात्रा में क्रय कर अवैध रूप से विक्रय किया जा रहा था।
विवेचना के दौरान प्राप्त अभिलेखों एवं ई-मेल पत्राचार से यह स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त ने विभिन्न तिथियों में बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त औषधियों की खरीद की। विशेष रूप से इधिका लाइफसाइंसेज, लखनऊ से 5250 बोतल फैंसीपिक-टी सिरप क्रय किया गया, जिसके विक्रय से संबंधित कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य स्रोतों से कुल 10,500/- बोतल कोडीन युक्त औषधियों की खरीद की पुष्टि हुई है।
निरीक्षण के समय प्रतिष्ठान बंद पाया गया तथा बाद में भी अभियुक्त द्वारा क्रय-विक्रय अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर एवं बिल-वाउचर प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे यह स्पष्ट है कि औषधियों का विक्रय जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करते हुए एवं तथ्यों को छिपाकर किया गया।
गिरफ्तारी एवं डिजिटल साक्ष्य
अभियुक्त को 3 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय उसके कब्जे से एक लैपटॉप बरामद किया गया, जिसका उपयोग फर्जी बिल तैयार करने एवं अभिलेखों में हेरफेर हेतु किया जाता था। बरामद डिजिटल उपकरण को पुलिस अभिरक्षा में लेकर फोरेंसिक परीक्षण हेतु भेजा जा रहा है, जिससे डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी विश्लेषण किया जा सके।
प्रकरण की विवेचना  प्रचलित है। अवैध मादक औषधियों के क्रय-विक्रय में संलिप्त अन्य व्यक्तियों, आपूर्तिकर्ताओं एवं संभावित नेटवर्क की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। दोष सिद्ध होने पर सभी संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
'ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान 'कुछ भी' कर सकता है', राजनाथ सिंह ने किया सतर्क तो ख्वाजा आसिफ को लगी मिर्ची | Assam Election में Yogi Adityanath की हुंकार, एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकालेगी NDA सरकार | महिला आरक्षण बिल पर Kiren Rijiju का बड़ा ऐलान, 16 April को बुलाया गया संसद का Special Session | PM Modi को धन्यवाद देकर बोले Chirag Paswan, उम्मीद है विपक्ष भी Nari Shakti Bill का साथ देगा
Advertisement ×