कानपुर। अधिवक्ताओं ने संवैधानिक आरक्षण एवं अधिकारों की मांग पर सुरक्षा को लेकर महामहिम को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी कों सौपा। बड़ी संख्या में अधिवक्ता डाक्टर भीमराव अंबेडकर द्वार पर एकत्रित होकर पैदल मार्च निकालते हुये जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे जहाँ बाबा साहब अमर रहे, कोलेजियम सिस्टम खत्म करों, आरक्षण कोई भीख नहीं, आरक्षण हमारा जन्मसिद्द अधिकार है, देश संविधान से चलेगा इत्यादि नारों से पूरा जिलाधिकारी परिसर गुंजायमान हों रहा था। ज्ञापन के माध्यम से उपस्थित अधिवक्ताओं नें कहा की संविधान सामाजिक न्याय, सामान अवसर तथा वंचित एवं पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के लिये प्रदान किये गये संवैधानिक प्रावधानों का उद्देश्य इन वर्गों कों शिक्षा, रोजगार एवं सार्वजनिक जीवन में सामान अवसर एवं न्याय उपलब्ध कराना है। हम सभी अधिवक्तागण आठ सूत्रीय ज्ञापन के माध्यम से महामहिम से निम्नलिखित मांग करते है।
एस सी एस टी, ओ बी सी व धार्मिक अल्पसंख्यकों के संवैधानिक आरक्षण की प्रभावी सुरक्षा एवं उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये व आरक्षण से सम्बंधित प्रावधानों में किसी भी प्रकार के कमजोर किये जाने से इन वर्गों के हितों की रक्षा की जाये, जातिगत, सामाजिक एवं शैक्षणिक स्थिति के वास्तविक आकड़ों कों ध्यान में रखते हुये नीतिया बनायीं जाये और सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं में आरक्षित पदों की रिक्तियों कों समयबद्द तरीके से भरा जाये और आरक्षित वर्गो के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों के लिये प्रभावी कानून व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, कोलेजियम सिस्टम कों अविलम्ब बंद करने के साथ उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति की पारदर्शी व जवाबदेही संवैधानिक व्यवस्था बनायीं जाये।
यू जी सी के प्रावधानों कों अविलम्ब लागू करने के साथ एस सी एस टी व अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों की नियुक्तिया की जाये जिससे जाति के आधार पर हों रहे शोषण पर रोक लग सके इसके साथ ही संवैधानिक एवं सरकारी सस्थाओं के परिसरों में धार्मिक आयोजनों पर रोक लगायी जाये।
कार्यकम में प्रमुख रूप से सियाराम पाल, नरेन्द्र सिंह यादव, श्रीराम गौतम, रामेश्वर दयाल, सुरेंद्र कुशवाहा, आकाश बादल, उमाशंकर त्यागी, तेजबहादुर पाल, के डी गौतम, वेद प्रकाश उत्तम, जिमी पाल, महेंद्र पाल, रियाजुरहमान, दीप सिंह, राजेश सोनकर, नवीन गौतम, सतीश चंद्र पाल, दीपू पाल, वासुदेव पाल, सुशील पाल, राजेश पाल, विनोद पाल, जनार्दन प्रसाद, रामशरण यादव, अभिषेक पाल, राहुल पासवान, अरविन्द प्रताप, अंकुर पाल, दीपेंद्र पाल, विशाल पाल, राजेंद्र पासवान सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
