- घर में फंसे थे बुजुर्ग माता-पिता और गर्भवती महिला, एनडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला
कानपुर। पांडु नदी का पानी आबादी तक पहुंचने के बाद घर में फंसे एक परिवार के लिए राज्य स्तरीय राहत हेल्पलाइन 1070 पर किया गया एक फोन मदद का जरिया बन गया। घर में बुजुर्ग माता-पिता के साथ गर्भवती महिला भी फंसी थीं, जिन्हें चिकित्सकीय परामर्श के लिए बाहर जाना था। मदद की गुहार लगने के बाद प्रशासन ने परिवार से व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार संपर्क बनाए रखा और करीब 25 मिनट के भीतर एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बनपुरवा मजरा ग्राम पिपौरी निवासी कौशल गौतम ने रविवार दोपहर राहत हेल्पलाइन 1070 पर फोन कर बताया कि पांडु नदी का पानी आबादी में आने से उनका परिवार घर में फंस गया है। उनकी गर्भवती पत्नी सुमन गुप्ता को चिकित्सकीय परामर्श के लिए बाहर ले जाना जरूरी था, लेकिन चारों ओर पानी होने के कारण परिवार के लिए स्वयं सुरक्षित बाहर निकलना संभव नहीं था।
सूचना मिलते ही तहसीलदार सदर विनय कुमार द्विवेदी ने तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई शुरू कराई। एनडीआरएफ से समन्वय कर टीम को मौके पर रवाना किया गया। इस दौरान प्रशासन की ओर से कौशल से व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार संपर्क रखा गया और उन्हें मदद पहुंचने का भरोसा दिलाया जाता रहा। करीब 25 मिनट में एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और पानी से घिरे मकान से कौशल, उनके माता-पिता और गर्भवती पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
25 मिनट में पहुंच गई टीम, लगातार संपर्क में रहा प्रशासन
कौशल गौतम ने बताया, “मेरी पत्नी सुमन गुप्ता गर्भवती हैं। पांडु नदी का पानी आबादी में आने के कारण हम लोग घर में फंस गए थे। पत्नी को चिकित्सकीय परामर्श के लिए बाहर ले जाना जरूरी था, इसलिए मैंने प्रशासन से मदद मांगी। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। व्हाट्सएप के माध्यम से भी मुझसे लगातार संपर्क रखा गया और मुझे मदद पहुंचने का भरोसा दिलाया गया। करीब 25 मिनट के भीतर टीम मौके पर पहुंच गई और मेरे माता-पिता, गर्भवती पत्नी और मुझे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस त्वरित मदद के लिए मैं जिला प्रशासन और पूरी रेस्क्यू टीम का दिल से धन्यवाद करता हूं।”
गर्भवती महिला को सुरक्षित निकालना थी प्राथमिकता
तहसीलदार सदर विनय कुमार द्विवेदी ने बताया कि राहत हेल्पलाइन से परिवार के फंसे होने की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ को मौके पर रवाना किया गया। गर्भवती महिला को चिकित्सकीय परामर्श के लिए जाना था, इसलिए परिवार को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना प्राथमिकता थी। टीम ने समय रहते मौके पर पहुंचकर परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी सदस्य सकुशल एवं सुरक्षित हैं।
राहत हेल्पलाइन पर एक कॉल, व्हाट्सएप पर लगातार संपर्क और करीब 25 मिनट में मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम के त्वरित समन्वय से पानी के बीच फंसे परिवार को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।
