वक्फ बिल ने राहुल को फंसा दिया है? कांग्रेस ने पर्दे के पीछे बना लिया ऐसा प्लान, बीजेपी की राह……

देशभर में तमाम विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने ये फैसला ले लिया है कि वक्फ बोर्ड संसोधन बिल को लोकसभा में 2 अप्रैल को पेश किया जाएगा। बिल के पेश होने की खबर है। विपक्ष में हंगामा जारी है। राहुल गांधी तो अब तक खामोश हैं। लेकिन बिल को लेकर मंथन का दौर भी जारी है। खबरों के मुताबिक बिल को लेकर इंडिया ब्लॉक की बैठक भी बुलाई गई। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी कांग्रेस के सांसदों के साथ एक मीटिंग भी करेंगे। लेकिन गौर करने वाली बात है कि पूरे देश में वक्फ को लेकर बवाल चल रहा है और राहुल गांधी के मुंह से अभी तक एक शब्द तक नहीं निकला है। वहीं फिलिस्तीन के समर्थन वाला बैग लेकर संसद भवन परिसर में घूमने वाली प्रियंका वाड्रा भी इसको लेकर उतनी नहीं सक्रिय नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में तो कहा जा रहा है कि वक्फ को लेकर कांग्रेस पार्टी में दो फाड़ की स्थिति है। कहा जा रहा है कि विपक्ष की कई पार्टियां कल वॉकआउट करने वाली है।

सूत्रों की माने तो कांग्रेस में भी अंदरखाने इस बात की चर्चा हो रही है कि हंगामा करके संसद से निकल जाया जाए। कांग्रेस पार्टी के डिसिजन मेकिंग में केरल लॉबी का प्रभाव अच्छा खासा है। राहुल गांधी के आसपास के करीबी को ये संज्ञा दी गई है। केरल लॉबी में केसी वेणुगोपाल और उनके साथ के लोग माने जाते हैं। बड़े बड़े नेता को राहुल से बात करने के लिए केसी वेणुगोपाल तक पहुंचने में महीनों लग जाते हैं। केरल में चुनाव होने हैं। कैथोलिक बिशप (पादरियों) के एक संगठन ने केंद्रीय वक्फ अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन का समर्थन करते हुए कहा कि पुराने कानून के कुछ प्रावधान संविधान और देश के धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। साथ ही केरल के तमाम सांसदों से बदलाव के समर्थन में जाकर वोट करने की अपील भी की गई है। वक्फ बोर्ड ने वहां ईसाईयों को बहुत परेशानी पहुंचाई है। उनके चर्च और जमीन को वक्फ की संपत्ति बता दिया गया। राहुल गांधी की खामोशी की एक वजह ये भी हो सकती है।

कहा जा रहा है कि अगर वक्फ के खिलाफ कांग्रेस पार्टी खुलकर बात करती है तो केरल में ईसाई समुदाय पर असर पड़ सकता है। 2 अप्रैल को बिल पेश होगा। ऐसे में इस बात की संभावना नजर आ रही है क्योंकि इनके पास नंबर गेम नहीं है तो हंगामा करते हुए वॉकआउट कर सकते हैं। फिर बाहर आकर हमें बोलने नहीं दिया गया, तानाशाही चल रही है जैसी बातें की जाएगी। संसद में 293 बनाम 239 का मुकाबला है। राज्यसभा में भी कमोबेश ऐसी स्थिति नहीं है। इसलिए बिल के पास होने की संभवान नजर आ रही है।

भगवंत मान के बयान को लेकर भी कांग्रेस में बवाल मचा हुआ है। दरअसल, भगवंत मान राहुल गांधी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। मान ने कहा है कि राहुल गांधी की अभी लॉन्चिंग ही चल रही है। श्रीहरिकोटा से चंद्रयान जल्दी लॉन्च हो गया लेकिन राहुल गांधी कांग्रेस से अब तक लॉन्च नहीं हो पाए। बस लॉन्चिंग ही लॉन्चिंग चल रही है। राहुल गांधी की ये लॉन्चिंग चलती ही रहेगी। इतना ही नहीं उन्होंने आगे ये भी कहा कि राहुल गांधी को परमात्मा ने लीडरशिप का गुण नहीं दिया है। अब नहीं है तो नहीं है। आप उन्हें नेता बनाने के लिए क्यों मजबूर कर रहे हैं? यह कोई पारिवारिक विरासत नहीं है कि पिता के बाद बेटा सत्ता संभाले। कृपया उन्हें छोड़ दीजिए। बेचारे को खुद नहीं पता कि वह कहां फंस गया है। इस बयान के बाद कांग्रेस बौखला गई है। भगवंत मान का जमकर विरोध भी हो रहा है।

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