धर्मपरिवर्तन करा हिंदुओं को बनाया जा रहा था क्रिश्चियन, 4 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र से रविवार को धर्मांतरण से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया, जहां एक घर में कथित तौर पर लोगों का धर्म बदलवाने की कोशिश की जा रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मां-बेटे समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने सभी के खिलाफ धर्म परिवर्तन अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुशीनगर जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के परवरपार गांव निवासी अमित सिंह और उसकी मां रीता देवी, पीपीगंज के कन्हैया यादव तथा गुलरिहा के सरहरी निवासी विक्की कुमार के रूप में हुई है। पुलिस इनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है, जिसमें बिहार के एक व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जो इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

जांच में यह भी सामने आया है कि गुलरिहा इलाके में हर रविवार को प्रार्थना सभा आयोजित की जाती थी, सूत्रों के अनुसार, बीमारी और भूत-प्रेत के इलाज के नाम पर लोगों को इन सभाओं में बुलाया जाता था और फिर उन्हें पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से खासकर पिछड़े तबके के लोगों को निशाना बनाकर उन्हें धन और बेहतर सुविधाओं का झांसा दिया जाता था। नाम बदलने पर अच्छी रकम और सुविधाएं देने का दावा भी किया जाता था, जिसकी चर्चा स्थानीय स्तर पर काफी समय से चल रही थी।

गुलरिहा क्षेत्र के आयुष विश्वविद्यालय के आसपास, जंगल एकला, सरहरी, पिपराइच और पीपीगंज समेत कई इलाकों में, खासकर मिशनरी स्कूलों के आसपास, ऐसी गतिविधियों की चर्चा स्थानीय लोगों के बीच पहले से थी। हालांकि, कोई औपचारिक शिकायत न मिलने के कारण पुलिस अब तक कार्रवाई नहीं कर पाई थी।

रविवार को गोरखनाथ थाना क्षेत्र के सूरजकुंड निवासी शीतल मिश्रा ने गुलरिहा थाने में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि कुछ लोग धन का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की और पूरे मामले का खुलासा हुआ। सूत्रों के मुताबिक, विल्सन नाम का एक व्यक्ति, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है, खुद धर्म परिवर्तन करने के बाद अन्य लोगों को इसमें शामिल करने का प्रयास कर रहा था।

उसी के इशारे पर अमित सिंह, रीता देवी, विक्की कुमार और कन्हैया यादव के साथ मिलकर यह पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था। पुलिस ने शिकायत और जांच के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अब उनके अन्य सहयोगियों और गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। इस पूरे मामले पर सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि जांच तेजी से जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। पुलिस टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी निकलवाए जा रहे हैं, ताकि इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।

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