
# जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के आवास परिसर में हुआ हादसा
# हैलट अस्पताल में वर्न वार्ड न होने के कारण उर्सला रिफर किया गया, जहां इलाज के दौरान हुई वृद्धा की मौत
कानपुर नगर, कानपुर के जेएसवीएम हॉस्पिटल के अवासीय परिसर में आग ताप रही एक वृद्धा बुरी तरफ झुलस गयी। हैलट अस्पताल में वर्न वॉर्ड न होने के कारण वृद्धा को परेड स्थित उर्सला अस्पताल भिजवाया गया, जहां इलाज के दौरान वृद्धा की मौत हो गयी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कानपुर के हैलट अस्पताल में 24 घंटे पैथोलॉजी के प्रभारी अभय श्रीवास्तव की 77 वर्षीय वृद्ध माता गिरजा श्रीवास्तव बुधवार की दोपाहर हीटर से आग ताप रही थी। आग तापने के दौरान उनके कपडो में कब आग लग गयी वह नही जान सकी और उनके कपडों में आग फैल गयी। आग से वृद्धा बुरी तरह झुलस गयी, जिसके बाद उन्हे हैलट अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन हैलट अस्पताल में बर्न विभाग न होने के कारण वृद्धा को उर्सला अस्पताल रिफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान वृद्धा की मौत हो गयी। हैलट में वर्न विभाग होता तो सयम से इलाज मिलने के कारण वृद्धा का जीवन बच भी सकताथा लेकिन यह बडे ही दुर्भाघ्य का विषय है कि देश के टॉप मेडिकल कॉलेज की श्रेणी में आने वाले मेडिकल कालेज,जिसमें विश्व स्तरीय सुविधा होने की बात कही जाती है उसके हैलट अस्पताल में अभी तक एक वर्न वार्ड भी नही बन सका। क्या इसकी जरूरत हैलट प्रशासन ने कभी नही समझी या फिर यह महसूस क्यो नही किया गया कि वर्न वार्ड के नाम पर केवल उर्सला में ही सुविधा है, इस सुविधा के लिए हैलट में भी वर्न वार्ड तैयार किया जाना चाहिए। बीते समयों पर कई बार हैलट के विकास के लिए बजट पास किया गया और नव निर्माण कराये गये लेकिन बीते पांच वर्षो में जीएसवीएम मेडिकल के हैलट अस्पताल में एन वर्न वार्ड नही बनाया जा सका।
