बस 6 सीढ़ियां बची थीं…. भगदड़ में अपनी सात साल की बेटी को खोने वाले ओपिल सिंह ने सुनाई आपबीती

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक सात साल की बच्ची भी शामिल है। बच्ची के पिता ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि भीड़ की वजह से उनकी बेटी के सिर में कील घुस गई और उसकी मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया है कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए इकट्ठी हुई भीड़ रेलवे की घोषणा के कारण भ्रमित हो गई, जिसके कारण भगदड़ मच गई और 18 लोगों की जान चली गई।

ओपिल सिंह अपने परिवार के साथ महाकुंभ जा रहे थे और उनके पास ट्रेन का कन्फर्म टिकट भी था। उन्होंने बताया, ‘हम 14 नंबर प्लेटफॉर्म से नीचे उतरे, लेकिन भीड़ देखकर वापस आने लगे, मैंने कहा भीड़ ज्यादा है, चलो घर चलते हैं, बच्चों को लेके नहीं जाते, छोटे छोटे बच्चे हैं क्या करेंगे, सोने को भी नहीं है।’

उन्होंने आगे बताया, ‘जैसा ऊपर चढ़ने लगे, 6 जीना बचे थे, बीच में मेरी बेटी फंस गई। ऊपर से जैसे 5,000-6,000 हजार आदमी नीचे आने लगे ना तो लोग एक के ऊपर एक गिरते चले गए, लोगों को संभालने का मौका नहीं मिला। मेरी लड़की के किला घुस गया, खून अंदर जम गया, पूरा काला पड़ गया।’

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘प्रयागराज स्पेशल’ के प्लेटफॉर्म 16 पर आने की घोषणा से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, क्योंकि ‘प्रयागराज एक्सप्रेस’ पहले से ही प्लेटफॉर्म 14 पर थी। जो लोग प्लेटफॉर्म 14 पर अपनी ट्रेन तक नहीं पहुंच पाए, उन्हें लगा कि उनकी ट्रेन प्लेटफॉर्म 16 पर आ रही है, जिसके कारण भगदड़ मच गई।’ उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा, प्रयागराज जाने वाली चार ट्रेन थीं, जिनमें से तीन देरी से चल रही थीं, जिससे अप्रत्याशित रूप से भीड़ बढ़ गई।’

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