- आईजीआरएस प्रकरणों की निगरानी के लिए कलेक्ट्रेट में स्थापित होगा डेडिकेटेड कंट्रोल रूम
- एसीएम स्तर के अधिकारी की होगी तैनाती, गुणवत्ताहीन निस्तारण करने वाले विभागों पर होगी कार्रवाई
- नगर निगम के सर्वाधिक प्रकरण , एडीएम सिटी बनाए गए नोडल अधिकारी, प्रकरणों के निस्तारण में स्थापित करेंगे समन्वय
कानपुर। जनशिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपरक निस्तारण के लिए कलेक्ट्रेट में डेडिकेटेड आईजीआरएस कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यह कंट्रोल रूम विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की नियमित निगरानी करेगा तथा निस्तारण आख्याओं की गुणवत्ता सुनिश्चित कराएगा। इसके संचालन एवं निगरानी के लिए एसीएम स्तर के अधिकारी को नामित किया जाएगा। जिलाधिकारी श्री महेंद्र सिंह तंवर ने सोमवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ताहीन एवं असंतोषजनक निस्तारण करने वाले विभागों और अधिकारियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि आईजीआरएस पोर्टल पर सर्वाधिक शिकायतें नगर निगम से संबंधित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (नगर) श्री सौरभ सिंह को नगर निगम से संबंधित प्रकरणों के लिए जिला प्रशासन की ओर से नोडल अधिकारी नामित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि एडीएम सिटी नगर निगम के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाएं तथा निस्तारण आख्याओं की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित कराएं।
जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग, कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए), पंचायती राज विभाग, जल निगम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। निस्तारण आख्या के साथ मौके की जीपीएस युक्त तस्वीर भी अनिवार्य रूप से संलग्न की जाए।
उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल पोर्टल पर आख्या अपलोड करने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं फील्ड में जाकर प्रकरणों का स्थलीय सत्यापन करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि निस्तारण आख्या में दर्ज तथ्य मौके की वास्तविक स्थिति के अनुरूप हों और शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान हुआ हो।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आईजीआरएस प्रकरणों का स्पेशल क्लोज संबंधित विभागाध्यक्ष स्वयं करेंगे। यह कार्य किसी अधीनस्थ अधिकारी या कार्मिक को नहीं सौंपा जाएगा। साथ ही प्रत्येक अधिकारी अपनी आईजीआरएस लॉगिन आईडी से स्वयं लॉगिन कर प्रकरणों की नियमित समीक्षा एवं निगरानी करेगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, अपर जिलाधिकारी (नगर) सौरभ सिंह सहित विभिन्न विभागों के जनपदस्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
