एक से 31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान

  • वेक्टर जनित रोगों के हॉटस्पॉट पर रहेगी खास नजर, अस्पतालों में बनेंगे फीवर हेल्प डेस्क
कानपुर। वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए शहर के हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर निगम, पंचायती राज, शिक्षा सहित सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करेंगे। क्षेत्र में बुखार के मरीज बढ़ने की सूचना समय से स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचे और तत्काल निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए आयोजित प्रथम अंतरविभागीय समन्वय बैठक में ये निर्देश दिए।
विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक से 31 अक्टूबर तक तथा दस्तक अभियान 12 से 31 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। एक अक्टूबर को अभियान की शुरुआत सनिगवां से होगी। वेक्टर जनित रोगों के मामलों की संख्या के आधार पर अंबेडकर नगर काकादेव, सनिगवां, कल्याणपुर, सुजानपुर, गुजैनी कॉलोनी, पनकी, बर्रा, स्वरूप नगर, रतनलाल नगर, चमनगंज, तिलक नगर, विजय नगर, सर्वोदय नगर और चुन्नीगंज आदि क्षेत्रों को हॉटस्पॉट माना गया है। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी और निरोधात्मक गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित न रहे। नगर निगम एवं पंचायती राज विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम और नालियों की सफाई सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग हॉटस्पॉट एवं संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी, जांच और आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करे। शिक्षा विभाग विद्यालयों के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करे। अन्य संबंधित विभाग भी निर्धारित दायित्वों के अनुसार अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल एवं सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फीवर हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बुखार के मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवश्यकतानुसार मलेरिया एवं डेंगू की जांच सुनिश्चित कराने को कहा। क्षेत्रवार बुखार के मामलों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी स्थान पर मरीजों की संख्या बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग तत्काल सक्रिय हो सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने किशुनपुरा में डेंगू के मामले बढ़ने की जानकारी संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को समय से न हो पाने पर नाराजगी जताई और एमओआईसी चौबेपुर से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय निगरानी तंत्र इतना प्रभावी होना चाहिए कि किसी क्षेत्र में बुखार अथवा डेंगू के मामले बढ़ते ही इसकी सूचना संबंधित चिकित्सा अधिकारी तक पहुंचे। किशुनपुरा में बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। जिलाधिकारी ने ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न होने देने और क्षेत्रीय स्तर पर सूचना एवं निगरानी तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए।
दस्तक अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें घर-घर जाकर बुखार एवं संचारी रोगों से संबंधित लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान करेंगी तथा लोगों को मच्छरजनित एवं अन्य संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगी। जिलाधिकारी ने अभियान की नियमित समीक्षा और विभागवार गतिविधियों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक जे. जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीदत्त नेमी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमित रस्तोगी, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस प्रीति सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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