रेलवे ट्रैक पर सिलेंडर, बारूद और माचिस… क्या कानपुर में थी गोधरा जैसी साजिश?

कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस को डिरेल करने की साजिश के तार आतंकवादियों से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं. अब इस केस की जांच एटीएस के साथ-साथ एनआईए भी करने पहुंच रही है. उधर पुलिस इस मामले में 10 संदिग्ध लोगों से शिवराजपुर थाने में पूछताछ कर रही है. पुलिस घटना स्थल के आसपास के इलाके व गांवों में सीसीटीवी के माध्यम से साजिशकर्ताओं की तलाश कर रही है. इस घटना पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू होने लगी है. बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने इसकी तुलना गोधरा कांड से कर दी है.

रविवार रात हुआ हादसा

रविवार रात प्रयागराज से भिवानी जा रही कालिंदी एक्सप्रेस के सामने रेलवे ट्रैक पर रसोई में इस्तेमाल होने वाला भरा हुआ गैस सिलिंडर मिला था. चालक ने समय रहते ब्रेक लगाया लेकिन फिर भी सिलेंडर ट्रेन की टक्कर से दूर जा गिरा. टक्कर से सिलेंडर कई जगह से पिचक गया. गनीमत रही कि इसमें ब्लास्ट नहीं हुआ. साजिश किस कदर गहरी थी कि इसका अंदाजा रेलवे ट्रैक के पास मिलने वाले बारूद, पेट्रोल से भरी बोतल और माचिस से लगाया जा सकता है.

सिंलिंडर फटा नहीं, इसलिए टल गया बड़ा हादसा

रेलवे ने इस सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. इस मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में पांच टीमें गठित की गयी हैं. इस साजिश में आतंकवादियों का हाथ होने की आशंका के चलते आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने भी मामले की अलग से जांच शुरू की है. संयुक्त पुलिस आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) हरीश चंद्र ने बताया कि रविवार रात आठ बजकर 20 मिनट पर प्रयागराज से भिवानी जा रही कालिंदी एक्सप्रेस के चालक ने बिल्हौर रेलवे स्टेशन से कुछ दूर पहले पटरी पर एक रसोई गैस सिलिंडर रखा देखा. उसने आपातकालीन ब्रेक लगाए मगर ट्रेन सिलिंडर से टकरा गई और थोड़ा आगे जाकर रुक गयी. सिलिंडर भी उछलकर दूर जा गिरा. उन्होंने कहा कि सिलिंडर इंजन में फंसकर फटा नहीं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था. साथ ही अचानक आपातकालीन ब्रेक लगने से ट्रेन पटरी से उतर भी सकती थी. ट्रेन करीब 20 मिनट तक घटनास्थल पर रुकी रही और जांच के लिए इसे फिर बिल्हौर स्टेशन पर रोका गया.

मौके से मिला मिठाई का डिब्बा, दुकानदार से पूछताछ

रेलवे ने इस संबंध में शिवराजपुर में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. आरोप है कि पेट्रोल से भरी बोतल के अलावा एलपीजी सिलेंडर को पटरी पर रखकर विस्फोट की कोशिश की गई. मौके से मिठाई का एक डिब्बा मिला है. अब उस मिठाई वाले दुकानदार से भी पूछताछ की जा रही है.

पिछले महीने भी कानपुर में ट्रेन हुई थी डिरेल

ये पहला मामला नहीं है. पिछले महीने 17 अगस्त को कानपुर में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए थे. इसकी पुष्टि रेलवे बोर्ड ने की थी. हादसा 17 अगस्त की देर रात 2:30 बजे कानपुर रेलवे स्टेशन के पास हुआ था. तब वाराणसी से अहमदाबाद जा रही साबरमती एक्सप्रेस (19168) गोविंदपुरी के पास पटरी से उतर गई थी. हालांकि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ था.

ये संयोग नहीं… प्रयोग है: गिरिराज सिंह

उधर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस मामले में कहा कि देश में टूलकिट काम कर रहा. ये संयोग नहीं, ये प्रयोग है. ये ट्रेन जिहाद है. सिलिंडर, पेट्रोल बारूद रखा गया. इस टूलकिट के मास्टर कांग्रेस समर्थक कांग्रेसी हैं. गिरिराज ने कहा कि ये साफ है कि चाहत इनकी भारत को बर्बाद करना है. ये दूसरा गोधरा कांड होने वाला था.

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