हीट स्ट्रोक से उसकी सांसें उखड़ रही थीं, वह तड़पता रहा, GRP के दरोगा वीडियो बनाते रहे

गर्मी के चलते उत्तर भारत का हाल इतना बुरा है कि पूछिए मत. लू के थपेड़े ऐसे मालूम होते हैं मानो अंगारे बरस रहे हों. बेतहाशा गर्मी उत्तर प्रदेश में इस साल, अभी तक 120 से ज्यादा लोगों की जान ले चुकी है. दिल्ली में भी पिछले 72 घंटों में पांच व्यक्तियों की मौत हुई है. यूपी में गर्मी से हुई अन्य मौतों की परिस्थितियां तो मुझे नहीं पता, लेकिन एक के बारे में जानकर यह लगा कि शायद आसमान से बरस रही आग में मानवता भी जलकर भस्म हो चुकी है.

घटना देश के पांच केंद्रीय रेलवे स्टेशनों में से एक, कानपुर सेंट्रल की है. पुलिस लाइन में पोस्टेड हेड कांस्टेबल बृज किशोर सिंह तीन दिन की छुट्टी लेकर स्टेशन पहुंचे थे. उन्हें अपने घर, झांसी जाना था. दोपहर का वक्त था मतलब गर्मी प्रचंड थी. सिंह कानपुर सेंट्रल के कैंपस में दाखिल ही हुए थे कि सिर चकराने लगा. वहीं गश खाकर गिर पड़े.

बेसुध पड़े सिंह के बारे में सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) तक खबर पहुंची. एक दरोगा आए लेकिन सिंह को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने के बजाय जेब से मोबाइल निकाला और वीडियो बनाने में जुट गए. एक एंगल ठीक नहीं लगा तो दूसरे एंगल से वीडियो बनाया.

इस दौरान, सिंह साहब की सांसें उखड़ती रहीं. वहां मौजूद लोगों ने थोड़ी लानत-मलानत की तो दरोगा, सिंह को लेकर अस्पताल पहुंचे. तब तक बड़ी देर हो चुकी थी. हीट स्ट्रोक से सिंह का दम निकल चुका था और शायद इंसानियत का भी. सोशल मीडिया पर आए वीडियो में इतनी असंवेदनहीनता है कि हम उसे आपको दिखा भी नहीं सकते. जी न्यूज वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.

एक वर्दीवाला दूसरे वर्दीवाले को अचेत पाकर भी ऐसा व्यवहार करे, बड़ा अमानवीय लगता है! वीडियो बनाकर जीआरपी के दरोगा क्या सबूत जुटाना चाह रहे थे कि सामने तड़प रहे पुलिसवाले की मदद का विचार तक नहीं आया. वो तो भला हो मौके पर मौजूद यात्रियों का, जिन्होंने थोड़ी हिम्मत दिखाई और दरोगा को उनकी ‘ड्यूटी’ याद दिलाई.

जो प्रत्यक्षदर्शी थे, उन्होंने एक बार तो दम तोड़ रहे बीके सिंह की जगह खुद को रखकर सोचा होगा! फिर हकीकत के अहसास ने उन्हें भयानक गर्मी में भी सिहरा दिया होगा. जब एक पुलिसवाला दूसरे पुलिसवाले की जान की परवाह नहीं करता, तो आम नागरिक की क्या ही बिसात.

मानवता किसी एक का कर्तव्य नहीं!

कानपुर का यह वीडियो देखकर अब लोग सोशल मीडिया पर आक्रोशित हैं. कुछ कहते हैं कि जो वीडियो बना रहे हैं, उन पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए. कुछ लोगों की राय है कि संबंधित पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया जाए. कुछ कलियुग की दुहाई दे रहे हैं. सच तो यह है कि कमोबेश ऐसी हर घटना पर इसी तरह की टिप्पणियां आती हैं.

लोग सोशल मीडिया पर खुद को नैतिक रूप से ऊंचा दिखाते हैं लेकिन हकीकत में खुद उसी भीड़ में शामिल रहते हैं जो तमाशा देखती और रिकॉर्ड करती है, लेकिन मदद नहीं करती. क्यों भला? इंसानियत क्या अकेले किसी एक बंदे की जिम्मेवारी है? खुदा-न-ख्वास्ता ऐसा हो लेकिन एक बार उस बेबस और तड़पते इंसान की जगह खुद को रखकर देखिएगा, इंसानियत खौफ की शक्ल में नुमाया हो जाएगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
5 करोड़ रुपये नहीं चुकाने पर राजपाल यादव को SC से कड़ी फटकार, कल तक पेमेंट करने का सख्त आदेश ......... Aaditya Thackeray के देश छोड़ने की आशंका, Nitesh Rane ने पासपोर्ट जब्ती की मांग की | Flydubai की तरह ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट में इमरजेंसी कोड 7700 जारी, लंदन से शिकागो जा रहा था विमान ................ बंगाल में UCC लागू करने के Suvendu Adhikari के वादे का VHP ने किया स्वागत |      पंजाब में पिछले 48 घंटे में सोशल इंफ्लूएंसर समेत 4 की हत्या पर BJP ने उठाए सवाल, कहा- प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह खत्म .... Mayawati ने Akash Anand को फिर सौंपी BSP के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी | दिल्‍ली के कई बड़े स्‍कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलते ही एक्‍शन में आई पुलिस; मौके पर पहुंची डॉग स्क्वायड की टीम ........ Delhi Police ने लखनऊ में पकड़ी हेरोइन फैक्ट्री, चार तस्कर अरेस्ट
Advertisement ×