दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई (ऑनलाइन कोर्ट कार्यवाही) के दौरान वकीलों की तरफ शिष्टाचार न बनाए रखने पर चिंता जाहिर की. कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) से आग्रह किया कि वह वकीलों को उचित आचरण के बारे में जागरूक करें. यह मामला तब सामने आया जब एक वकील ने पार्क में खड़े होकर मोबाइल फोन से एक केस में अपीलकर्ताओं का पक्ष रखने की कोशिश की.
यह मामला 5 लाख रुपये के कर्ज से जुड़ा था. अपीलकर्ताओं ने स्वीकार किया कि उन्हें यह रकम चेक के जरिए मिली थी, लेकिन उन्होंने दावा किया कि यह पहले दिए गए नकद कर्ज की वापसी थी. हालांकि कोर्ट को नकद लेन-देन का कोई ठोस सबूत नहीं मिला और यह भी सवाल उठाया कि नकद में दिया गया कर्ज चेक से क्यों लौटाया जाएगा. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई के लिए तय की लेकिन स्पष्ट किया कि निचली अदालत के फैसले पर कोई रोक नहीं होगी.
